E2E Networks पर जुर्माना लगाए जाने के मामले में कंपनी ने 16 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसने NSE और BSE को संबंधित जुर्माने और लागू करों का भुगतान कर दिया है। दोनों एक्सचेंजों ने बोर्ड बैठक की पूर्व सूचना नहीं देने पर अलग-अलग ₹10,000 का जुर्माना, साथ में लागू कर, लगाया था। उसी दिन हुई बैठक में कंपनी के निदेशक मंडल ने इस गैर-अनुपालन और जुर्मानों का संज्ञान लिया।

मामला 31 अगस्त, 2026 की बोर्ड बैठक से जुड़ा है। कंपनी के अनुसार, इस बैठक के संबंध में स्टॉक एक्सचेंजों को पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। यह SEBI के लिस्टिंग दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं यानी LODR नियमों के विनियम 29 का गैर-अनुपालन था। कंपनी ने बोर्ड की टिप्पणियां विनियम 30 के तहत एक्सचेंजों को भेजी हैं।

सितंबर के नोटिस में दर्ज था उल्लंघन

फाइलिंग में NSE के 15 सितंबर, 2026 के नोटिस और उसी तारीख को BSE से मिले ईमेल का संदर्भ दिया गया है। BSE की संलग्न सूचना में अगस्त 2026 के लिए विनियम 29(2)/29(3) के तहत बोर्ड बैठक की पूर्व सूचना देने में देरी दर्ज की गई थी।

BSE के विवरण के मुताबिक, ₹10,000 के मूल जुर्माने पर 18 प्रतिशत GST के रूप में ₹1,800 जोड़े गए। इस तरह BSE की कुल देय राशि ₹11,800 थी। NSE के लिए कंपनी ने ₹10,000 और लागू कर का उल्लेख किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि दोनों एक्सचेंजों के संबंधित जुर्माने कर सहित चुका दिए गए हैं।

BSE ने अपने पत्र में विषय को कंपनी की अगली बोर्ड बैठक के सामने रखने और बोर्ड की टिप्पणियां एक्सचेंज को भेजने का निर्देश भी दिया था।

बोर्ड ने समयसीमा के पालन पर दिया निर्देश

बोर्ड ने प्रबंधन को समुचित सावधानी बरतने तथा लागू नियामकीय आवश्यकताओं और निर्धारित समयसीमाओं का सख्ती से पालन करने की सलाह दी, ताकि ऐसी चूक दोबारा न हो।

एक्सचेंजों के निर्देशों के अनुसार कंपनी ने संबंधित सर्कुलर के प्रावधान प्रमोटर के संज्ञान में भी लाए हैं। E2E Networks ने कहा कि वह अपनी आंतरिक अनुपालन निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करती रहेगी, ताकि सभी लागू पूर्व सूचनाएं और खुलासे समय पर स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे जा सकें।