Ultramarine & Pigments पुनर्वर्गीकरण मामले में कंपनी ने 23 अक्टूबर 2026 को BSE फाइलिंग में बताया कि उसे प्रमोटर समूह के दो शेयरधारकों से पब्लिक शेयरधारक श्रेणी में आने के अनुरोध मिले हैं। Narayan Santhanam और Deepa Ajay ने अपनी मौजूदा श्रेणी बदलने के लिए आवेदन किया है। कंपनी ने यह सूचना SEBI के लिस्टिंग नियमों के Regulation 31A के तहत दी है।

फाइलिंग के अनुसार, Narayan Santhanam के पास 2,59,000 शेयर हैं, जो कंपनी की चुकता शेयर पूंजी के 0.89% हैं। वहीं, Deepa Ajay के पास 51,000 शेयर हैं और उनकी हिस्सेदारी 0.17% है। दोनों के अनुरोध शेयरधारक वर्गीकरण बदलने से संबंधित हैं। इस सूचना में किसी शेयर बिक्री या हस्तांतरण का उल्लेख नहीं है।

अनुरोध पत्रों में प्रबंधन से अलग होने की जानकारी

दोनों शेयरधारकों ने अपने पत्रों में कहा है कि वे कंपनी के निदेशक नहीं हैं और उसके रोजमर्रा के प्रबंधन या किसी मामले में निर्णय लेने में भाग नहीं लेते। उन्होंने बोर्ड से आवश्यक प्रस्ताव पारित करने और पुनर्वर्गीकरण के लिए अपेक्षित मंजूरियां प्राप्त करने का अनुरोध किया है।

संलग्न उपक्रमों में दोनों ने अपने तथा संबंधित व्यक्तियों के बारे में ये घोषणाएं की हैं:

  • कंपनी में कुल मतदान अधिकार दस प्रतिशत से अधिक नहीं हैं और कंपनी के मामलों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं है।
  • औपचारिक या अनौपचारिक व्यवस्था के जरिये विशेष अधिकार नहीं हैं; बोर्ड में प्रतिनिधित्व और प्रमुख प्रबंधकीय भूमिका भी नहीं है।
  • वे विलफुल डिफॉल्टर या भगोड़े आर्थिक अपराधी नहीं हैं। उन्होंने अपने खिलाफ कोई नियामकीय कार्रवाई लंबित नहीं होने की भी पुष्टि की है।

प्रक्रिया आगे बढ़ाने की सूचना, मंजूरी की नहीं

कंपनी ने कहा कि वह Regulation 31A के अनुपालन में आवश्यक कदम उठाएगी। यह फाइलिंग अनुरोध प्राप्त होने की सूचना है; इसमें पुनर्वर्गीकरण की मंजूरी मिलने की घोषणा नहीं की गई है। अनुरोध पत्र और संबंधित उपक्रम भी इसके साथ संलग्न हैं।

दोनों आवेदकों ने पुनर्वर्गीकरण के बाद निर्धारित शर्तों का पालन करने का उपक्रम दिया है। कुछ शर्तें लगातार और बोर्ड प्रतिनिधित्व तथा प्रमुख प्रबंधकीय भूमिका से संबंधित शर्तें कम से कम तीन वर्ष तक लागू रहने का उल्लेख है।

दस्तावेजों में तारीख का अंतर भी है: मुख्य पत्र में अनुरोध पत्रों की तारीख 23 अक्टूबर 2025 लिखी है, जबकि संलग्न अनुरोध पत्रों पर 23 अक्टूबर 2026 दर्ज है।