Transrail Lighting की निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने IPO और निजी प्लेसमेंट से जुटाए कुल ₹450 करोड़ का सितंबर तिमाही तक पूरा उपयोग कर लिया है। कंपनी ने 4 नवंबर 2026 को BSE में दाखिल दस्तावेज में CARE Ratings Limited की यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की रिपोर्ट में निर्धारित उद्देश्यों से विचलन शून्य बताया गया है, हालांकि रकम के इस्तेमाल में तय समयसीमा से देरी दर्ज है।

तिमाही की शुरुआत तक ₹374.43 करोड़ खर्च हो चुके थे। जुलाई-सितंबर 2026 यानी Q2FY27 में कंपनी ने शेष ₹75.57 करोड़ का उपयोग किया, जिससे कुल इस्तेमाल ₹450 करोड़ पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, तिमाही के अंत में कोई रकम अप्रयुक्त नहीं बची।

कहां खर्च हुई रकम

Q2FY27 में सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के तहत ₹72.16 करोड़ UAE स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की इक्विटी शेयर पूंजी में निवेश किए गए। रिपोर्ट में इसके लिए 2 फरवरी 2026 के बोर्ड प्रस्ताव का उल्लेख है। इसी तिमाही में कार्यशील पूंजी पर ₹0.64 करोड़ और इश्यू खर्चों पर ₹2.77 करोड़ इस्तेमाल हुए।

  • कार्यशील पूंजी के लिए कुल उपयोग ₹250.64 करोड़ रहा, जबकि मूल आवंटन ₹250 करोड़ था।
  • पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित ₹90.73 करोड़ पिछली तिमाहियों में पूरे खर्च हो चुके थे।
  • सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों पर कुल ₹82.16 करोड़ इस्तेमाल हुए, जबकि मूल आवंटन ₹81.12 करोड़ था।
  • इश्यू खर्च ₹28.15 करोड़ के आवंटन के मुकाबले ₹26.47 करोड़ रहे।

इश्यू खर्चों में बची ₹1.68 करोड़ की रकम में से ₹0.64 करोड़ कार्यशील पूंजी और ₹1.04 करोड़ सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में लगाए गए। इस पुनः आवंटन को 13 मई 2026 के बोर्ड प्रस्ताव से अधिकृत किया गया था।

समयसीमा और निगरानी का आधार

ऑफर दस्तावेज के अनुसार सभी उद्देश्यों के लिए रकम FY25 तक इस्तेमाल होनी थी। रिपोर्ट ने कार्यशील पूंजी, पूंजीगत व्यय और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में क्रमशः 384, 406 और 486 दिनों की देरी दर्ज की। बोर्ड ने सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों और इश्यू खर्चों की समयसीमा FY27 तक बढ़ाई थी।

CARE Ratings ने बताया कि प्री-IPO रकम दूसरे चालू और कैश क्रेडिट खातों में भेजे जाने से अन्य धनराशि के साथ मिल गई थी। इसलिए उपयोग निर्धारित करने में दस्तावेजों के साथ प्रबंधन की घोषणाओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रमाणपत्र पर भरोसा किया गया। निगरानी एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वह ऑडिट या प्राप्त सूचनाओं का स्वतंत्र सत्यापन नहीं करती।