Advance Petrochemicals के नतीजे में सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी है। कंपनी की 4 नवंबर 2026 की BSE फाइलिंग के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ ₹97.61 लाख रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में ₹23.55 लाख का घाटा था। बोर्ड ने इसी बैठक में तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।

चालू तिमाही में परिचालन से राजस्व ₹2,104.01 लाख रहा। प्रति शेयर मूल और डाइल्यूटेड आय यानी EPS ₹10.85 रही, जबकि एक साल पहले प्रति शेयर ₹2.62 का नुकसान था। ये आंकड़े कंपनी के स्टैंडअलोन कारोबार के हैं।

मापदंड सितंबर 2026 तिमाही सितंबर 2025 तिमाही सालाना बदलाव
कर पश्चात शुद्ध लाभ/घाटा ₹97.61 लाख ₹23.55 लाख घाटा घाटे से लाभ में वापसी
मूल और डाइल्यूटेड EPS ₹10.85 ऋणात्मक ₹2.62 प्रति शेयर आय सकारात्मक

जून 2026 तिमाही में शुद्ध लाभ ₹203.96 लाख था। इस तरह सालाना आधार पर घाटे से वापसी के बावजूद सितंबर तिमाही का मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले कम रहा।

छमाही में लाभ, परिचालन नकदी प्रवाह ऋणात्मक

सितंबर 2026 को समाप्त छह महीनों में शुद्ध लाभ ₹301.57 लाख रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में ₹22.37 लाख का घाटा था। छमाही का कर पूर्व लाभ ₹406.57 लाख दर्ज हुआ।

हालांकि, कंपनी ने छमाही में परिचालन गतिविधियों से ₹43.20 लाख का शुद्ध नकदी बहिर्वाह दिखाया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹67.86 लाख का नकदी अंतर्वाह था। सितंबर के अंत में व्यापारिक प्राप्तियां ₹1,567.42 लाख और इन्वेंटरी ₹1,146.91 लाख थीं; मार्च 2026 में ये क्रमशः ₹1,154.69 लाख और ₹933.50 लाख थीं।

वैधानिक ऑडिटर Suresh R Shah & Associates ने नतीजों की सीमित समीक्षा में किसी महत्वपूर्ण गलत विवरण की ओर ध्यान जाने की बात नहीं कही। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह सीमित समीक्षा है, पूर्ण ऑडिट नहीं; इसलिए ऑडिट राय व्यक्त नहीं की गई है।

निदेशक और समितियों में बदलाव

बोर्ड ने Arvind Vishwanath Goenka को 4 नवंबर 2026 से अतिरिक्त गैर-कार्यकारी, गैर-स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया। नियुक्ति आगामी वार्षिक आम बैठक में सदस्यों की मंजूरी के अधीन है। उन्हें पेट्रोकेमिकल उद्योग में 35 वर्ष से अधिक अनुभव है और वे प्रबंध निदेशक Pulkit Goenka के चाचा हैं।

बोर्ड ने Aanchal Arvind Goenka का इस्तीफा भी दर्ज किया, जो उसी दिन कारोबारी समय समाप्त होने से प्रभावी हुआ। फाइलिंग के अनुसार, उन्होंने कंपनी से आपसी सहमति से अलग होने और अन्य परियोजनाओं की जिम्मेदारी को कारण बताया।

उनकी जगह Arvind Vishwanath Goenka को ऑडिट तथा नामांकन एवं पारिश्रमिक समितियों का सदस्य और हितधारक संबंध समिति का अध्यक्ष बनाया गया।