SpiceJet की DGCA समीक्षा पर सफाई: इसे सुरक्षा खामियों का नया निष्कर्ष न मानें
SpiceJet ने BSE को बताया कि DGCA की परिचालन और वित्तीय समीक्षा सुरक्षा खामियों का नया निष्कर्ष नहीं है। कंपनी ने किसी अघोषित जरूरी सूचना की जानकारी से इनकार

SpiceJet की DGCA समीक्षा पर कंपनी ने 5 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल स्पष्टीकरण में कहा कि उसके परिचालन और वित्तीय हालात की नियामकीय निगरानी को सुरक्षा संबंधी चिंताओं की नई घोषणा या निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। एयरलाइन ने स्वीकार किया कि उसे Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की इस निगरानी और समीक्षा की जानकारी है।
BSE ने NDTV Profit की 22 सितंबर 2026 की खबर और कंपनी की प्रतिभूतियों के भाव में उसके बाद हुए उतार-चढ़ाव के संदर्भ में जवाब मांगा था। खबर में एयरलाइन के वित्तीय हालात की DGCA समीक्षा का उल्लेख था। Regulation 30(11) के तहत आए इस स्पष्टीकरण में कंपनी ने समीक्षा और सुरक्षा खामियों के किसी नए निष्कर्ष के बीच अंतर स्पष्ट किया।
पिछली जांच और ऑडिट पर कंपनी का पक्ष
SpiceJet ने कहा कि DGCA नियमित निगरानी के तहत एयरलाइनों के सुरक्षा ऑडिट, निरीक्षण और स्पॉट चेक करता है। कंपनी ने अपने पिछले नियामकीय और अंतरराष्ट्रीय ऑडिट का ब्योरा भी दिया:
- 2024 में बढ़ी हुई निगरानी के दौरान DGCA ने SpiceJet पर 266 स्पॉट चेक किए। पहचानी गई कमियां दूर होने के बाद एयरलाइन को इस निगरानी व्यवस्था से हटा दिया गया था।
- कंपनी के मुताबिक, 2025 के DGCA सुरक्षा ऑडिट में SpiceJet एकमात्र एयरलाइन थी जिसके खिलाफ कोई Level 1 निष्कर्ष दर्ज नहीं हुआ।
- मार्च 2025 में परिचालन प्रबंधन और नियंत्रण प्रणालियों के अंतरराष्ट्रीय ऑडिट के बाद उसका IATA Operational Safety Audit (IOSA) प्रमाणन नवीनीकृत हुआ। इसकी वैधता मार्च 2027 तक है।
इन्हीं तथ्यों का हवाला देते हुए एयरलाइन ने कहा कि मौजूदा परिचालन और वित्तीय समीक्षा को सुरक्षा संबंधी नई कमियों का निष्कर्ष बताना उचित नहीं होगा।
अघोषित सूचना और शेयर भाव पर क्या कहा
SpiceJet ने कहा कि खबर से जुड़ी ऐसी किसी बातचीत, व्यवस्था या लेनदेन की उसे जानकारी नहीं है, जिसका खुलासा एक्सचेंजों को करना जरूरी हो और जो पहले साझा न किया गया हो। कंपनी ने ऐसी किसी अघोषित महत्वपूर्ण सूचना या घटनाक्रम की जानकारी से भी इनकार किया जो प्रतिभूतियों के कारोबार में उतार-चढ़ाव समझा सके।
एयरलाइन ने भाव में बदलाव को बाजार आधारित बताया और कहा कि वह इसके विशिष्ट कारणों पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है। उसके मुताबिक, खबर से उत्पन्न ऐसी किसी नई नियामकीय या कानूनी कार्यवाही की जानकारी नहीं है जिसका आवश्यक खुलासा बाकी हो।
कंपनी का कहना है कि उसकी जानकारी में संबंधित मामले SEBI LODR के Regulation 30 के तहत नई महत्वपूर्ण सूचना नहीं थे, इसलिए अलग खुलासा आवश्यक नहीं था।
