Pune E-Stock Broking NCD निर्गम के जरिए ₹50 करोड़ तक जुटाने की तैयारी में है। कंपनी ने BSE को दी गई फाइलिंग में बताया कि उसके निदेशक मंडल ने 05 अक्टूबर 2026 की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। धनराशि एक या अधिक किस्तों अथवा सीरीज में जुटाई जा सकेगी। इसके लिए संबंधित बोर्ड प्रस्ताव पारित होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि रखी गई है।

प्रस्तावित गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर यानी NCD वरिष्ठ, सुरक्षित, रेटेड, सूचीबद्ध और विमोचनीय स्वरूप के होंगे। कंपनी इन्हें पात्र निवेशकों को निजी प्लेसमेंट के आधार पर जारी करेगी। निर्गम की शर्तें बोर्ड निर्धारित करेगा और प्रस्ताव लागू वैधानिक तथा नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा।

यह निर्णय धन जुटाने के प्रस्ताव की बोर्ड मंजूरी से संबंधित है। फाइलिंग में NCD के आवंटन या राशि जुटाने की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी नहीं दी गई है।

NSE पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव

कंपनी ने प्रस्तावित NCD को NSE पर सूचीबद्ध कराने की योजना बताई है। फाइलिंग में इन्हें रेटेड बताया गया है, लेकिन किसी विशिष्ट क्रेडिट रेटिंग या रेटिंग एजेंसी का नाम नहीं दिया गया है। निर्गम से जुड़ी कई वित्तीय और संविदात्मक शर्तें संबंधित दस्तावेजों में निर्धारित होंगी।

  • अवधि, आवंटन की तारीख और परिपक्वता की तारीख बोर्ड की मंजूरी तथा संबंधित लेनदेन दस्तावेजों के अनुसार तय होंगी।
  • कूपन या ब्याज दर और ब्याज व मूलधन के भुगतान का कार्यक्रम भी दस्तावेजों में दर्ज होगा।
  • NCD सुरक्षित होंगे; सुरक्षा का स्वरूप और दायरा निर्गम की शर्तों के अनुसार स्पष्ट किया जाएगा।
  • विमोचन और प्रतिभूतियों से जुड़े विशेष अधिकारों की शर्तें संबंधित दस्तावेजों में दी जाएंगी।

इसलिए मौजूदा खुलासे में अधिकतम प्रस्तावित राशि, जारी करने का तरीका और समयसीमा उपलब्ध हैं, जबकि ब्याज दर और भुगतान कार्यक्रम के निश्चित आंकड़े नहीं दिए गए हैं।

40 मिनट चली बोर्ड बैठक

कंपनी की बोर्ड बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होकर 12:40 बजे समाप्त हुई। यह खुलासा 29 सितंबर 2026 को भेजी गई पूर्व सूचना के क्रम में, SEBI के सूचीबद्धता नियमों के विनियमन 30 और अनुसूची III के भाग A के तहत किया गया।

BSE पर कंपनी का सcrip कोड 544141 है। फाइलिंग पर कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Ashwini Ashish Kulkarni ने हस्ताक्षर किए हैं। संलग्न विवरण में प्रस्तावित प्रतिभूतियों के ब्याज या मूलधन भुगतान में देरी अथवा चूक से संबंधित मद को सूचना की तारीख पर लागू नहीं बताया गया है।