Skyways Air Services की एयर एक्सपोर्ट हिस्सेदारी 6.3%, वैश्विक रैंक 42वीं
Skyways Air Services की भारत के एयर एक्सपोर्ट बाजार में हिस्सेदारी Q2 FY27 में 6.3% हुई। वैश्विक रैंक 44वीं से 42वीं पहुंची; कंपनी ने विस्तार योजनाएं भी बताईं।

Skyways Air Services ने 26 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि Q2 FY27 में भारत के एयर एक्सपोर्ट बाजार में उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 6.3% हो गई, जो पिछली तिमाही में 6.2% थी। WorldACD Market Data के नवीनतम चार्जेबल वेट आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की वैश्विक रैंकिंग भी 44वें से सुधरकर 42वें स्थान पर पहुंच गई।
इस तरह कंपनी की घरेलू बाजार हिस्सेदारी में तिमाही आधार पर 0.1 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने कहा कि उसने भारत के एयर एक्सपोर्ट बाजार में अपना अग्रणी स्थान बनाए रखा है। फाइलिंग के मुताबिक, यह प्रदर्शन वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधान, विमानन ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों से बदलते व्यापार मार्गों के बीच आया है।
फार्मा, ऑटो कंपोनेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स से कारोबार को सहारा
कंपनी के अनुसार, तिमाही की वृद्धि मुख्य रूप से अधिक आय देने वाले और तय समय में डिलीवरी मांगने वाले माल की ढुलाई से आई। इनमें तापमान नियंत्रित फार्मास्युटिकल उत्पाद, ऑटोमोटिव कंपोनेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल रहे। ट्रांसअटलांटिक, यूरोपीय और मध्य पूर्व के प्रमुख व्यापार मार्गों पर निर्यात मांग भी बनी रही।
Skyways ने बताया कि उसके Emirates SkyCargo, Lufthansa, Saudi Cargo, Turkish Air Cargo और Air India Cargo जैसे वैश्विक वाहकों के साथ दीर्घकालिक क्षमता समझौते हैं। कंपनी ने अपने परिचालन प्रदर्शन में इन समझौतों की भूमिका बताई है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं CMD Yashpal Sharma ने कहा कि अनिश्चित आर्थिक माहौल में बाजार हिस्सेदारी का यह स्तर कंपनी के एसेट-लाइट मॉडल और ग्राहकों के लिए भरोसेमंद माल ढुलाई क्षमता सुनिश्चित करने की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने भारतीय उद्यमों को वैश्विक संपर्क उपलब्ध कराने के लिए नेटवर्क और डिजिटल एकीकरण पर ध्यान देने की बात कही।
Skyways 2.0 और एशिया-प्रशांत विस्तार पर काम
कंपनी अपनी Skyways 2.0 योजना के तहत ASAP, SLS 100X, Cargo Dash और Skart-Edge जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही है। इसके दो प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं:
- हवाई और समुद्री माल ढुलाई, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स, कस्टम्स, सड़क परिवहन तथा वेयरहाउसिंग सेवाओं को अधिक सुचारु रूप से जोड़ना।
- सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस और मुख्यभूमि चीन में समर्पित इकाइयों तथा संयुक्त उद्यमों के जरिए प्रस्तावित उपस्थिति विस्तार को आगे बढ़ाना।
फाइलिंग में इन अंतरराष्ट्रीय योजनाओं को प्रगति पर बताया गया है। कंपनी ने इनके लिए निवेश राशि या पूरा होने की समयसीमा नहीं बताई है।
