SKM Egg Products Export (India): SKM Egg Products पर जुर्माना: MR-1 दाखिल करने में देरी पर ₹1.80
SKM Egg Products पर MR-1 दाखिल करने में देरी के लिए ₹1.80 लाख का जुर्माना लगा है। कंपनी ने BSE को बताया कि आदेश का वित्तीय और परिचालन गतिविधियों पर कोई ठोस असर

SKM Egg Products पर जुर्माना लगा है। SKM Egg Products Export (India) Ltd ने 29 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि प्रबंध निदेशक की नियुक्ति/पुनर्नियुक्ति से संबंधित MR-1 फॉर्म देर से दाखिल करने पर उसे न्यायनिर्णयन आदेश मिला है। Registrar of Companies, Coimbatore ने कंपनी पर ₹1.80 लाख की मौद्रिक पेनल्टी लगाई है।
कंपनी को यह आदेश 28 अक्टूबर 2026 को प्राप्त हुआ। एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी की पेनल्टी में ₹10,000 की मूल राशि और कुल 170 दिन की देरी के लिए ₹1,000 प्रतिदिन शामिल हैं। ये 170 दिन दो अलग-अलग MR-1 फाइलिंग में हुई 94 और 76 दिन की देरी से जुड़े हैं।
फाइलिंग में चूक के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों के संबंध में ₹50,000 की पेनल्टी का उल्लेख भी है। इसके साथ धारा 450 के तहत अधिकारियों के लिए ₹50,000 की अधिकतम सीमा बताई गई है।
दो पुनर्नियुक्तियों के फॉर्म देर से दाखिल हुए
मामला प्रबंध निदेशक Shri SKM Shree Shivkumar की पुनर्नियुक्तियों से जुड़ा है। पहली पुनर्नियुक्ति के लिए बोर्ड ने 30 मई 2022 को प्रस्ताव पारित किया था और नियुक्ति 25 जून 2022 से प्रभावी थी। दूसरी पुनर्नियुक्ति का बोर्ड प्रस्ताव 23 जून 2025 का था। कंपनी ने दोनों मामलों में फॉर्म दाखिल करने की समयसीमा और वास्तविक तारीख इस प्रकार बताई:
- पहला MR-1 फॉर्म 29 जुलाई 2022 तक दाखिल होना था। इसे 31 अक्टूबर 2022 को दाखिल किया गया, जिससे 94 दिन की देरी हुई।
- दूसरा MR-1 फॉर्म 23 अगस्त 2025 तक दाखिल होना था। इसे 7 नवंबर 2025 को दाखिल किया गया, जिससे 76 दिन की देरी हुई।
भुगतान के लिए 90 दिन, कंपनी ने असर बताया
कंपनी ने देरी को अनजाने में हुई चूक बताया और इसका कारण संबंधित नियुक्ति को कंपनी की सामान्य सभा में मंजूरी मिलने की प्रक्रिया से जोड़ा। आदेश के अनुसार, पेनल्टी का भुगतान आदेश प्राप्त होने के 90 दिन के भीतर करना है।
वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर प्रभाव के बारे में कंपनी ने कहा कि इसका कोई ठोस असर नहीं है। कंपनी ने यह जानकारी SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत एक्सचेंजों को दी है।
