Pine Labs डीमैट प्रमाणपत्र में कंपनी के सभी शेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप में होने की पुष्टि हुई है। Pine Labs Ltd ने 13 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। कंपनी के रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट KFin Technologies Limited ने बताया कि 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान किसी सदस्य से शेयरों को दोबारा भौतिक प्रमाणपत्र में बदलने, यानी रीमैटेरियलाइजेशन, का अनुरोध नहीं मिला।

कंपनी ने यह दस्तावेज SEBI (Depositories and Participants) Regulations, 2018 के Regulation 74(5) के अनुपालन में जमा किया है। एक्सचेंजों को भेजे गए पत्र के साथ रजिस्ट्रार से मिला प्रमाणपत्र संलग्न है। इस खुलासे का विषय शेयरों की डीमैट स्थिति और संबंधित तिमाही में रीमैटेरियलाइजेशन अनुरोधों की स्थिति है।

रजिस्ट्रार ने किन बातों की पुष्टि की?

KFin Technologies Limited का प्रमाणपत्र 6 अक्टूबर, 2026 को जारी हुआ था। इसमें दो स्पष्ट पुष्टियां दी गई हैं:

  • कंपनी के शेयरों की पूरी होल्डिंग डीमैटेरियलाइज्ड रूप में है।
  • सितंबर में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी के किसी भी सदस्य से रीमैटेरियलाइजेशन का अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ।

प्रमाणपत्र पर KFin Technologies Limited के उपाध्यक्ष Dnyanesh Gharote का नाम दर्ज है। रजिस्ट्रार ने यह पुष्टि Pine Labs Limited को संबोधित पत्र में दी और इसे संज्ञान में लेने का अनुरोध किया।

दस्तावेज में पूरे शेयरधारण की स्थिति और तिमाही के दौरान मिले अनुरोधों को अलग-अलग स्पष्ट किया गया है। सभी शेयर डीमैट रूप में होने की पुष्टि समूची होल्डिंग के लिए है, जबकि कोई रीमैटेरियलाइजेशन अनुरोध नहीं मिलने की पुष्टि निर्दिष्ट तिमाही के लिए की गई है।

BSE और NSE को भेजा गया पत्र

Pine Labs ने प्रमाणपत्र BSE Limited और National Stock Exchange of India Limited को भेजा। पत्र में कंपनी का BSE सcrip कोड 544606 और NSE प्रतीक PINELABS दर्ज हैं। एक्सचेंजों को दिए गए पत्र की तारीख 13 अक्टूबर, 2026 है, जबकि संलग्न रजिस्ट्रार प्रमाणपत्र की तारीख 6 अक्टूबर, 2026 है।

कंपनी की ओर से पत्र पर कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी Neerav Mehta का नाम है। Pine Labs ने बताया कि यह जानकारी उसकी वेबसाइट के निवेशक संबंध अनुभाग में भी उपलब्ध होगी। कंपनी ने दोनों एक्सचेंजों से प्रमाणपत्र को अपने रिकॉर्ड में लेने का अनुरोध किया है।