Pace Digitek BESS विनिर्माण क्षमता बढ़ाकर 5 GWh कर चुकी है और FY2027 के अंत तक इसे 10 GWh तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है। कंपनी ने 6 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में लिस्टिंग का एक वर्ष पूरा होने पर जारी निवेशक प्रस्तुति में यह जानकारी दी। प्रस्तुति में ऊर्जा कारोबार के विस्तार, उत्पादन और लिस्टिंग के बाद मिले ऑर्डर का ब्योरा दिया गया है।

जुलाई 2025 में IPO के समय कंपनी की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली यानी BESS क्षमता 2.5 GWh थी। अगस्त 2026 में अतिरिक्त क्षमता चालू होने से यह 5 GWh हो गई। अब विस्तार का काम जारी है और कुल नियोजित क्षमता का लक्ष्य 10 GWh है।

कंपनी के अनुसार, शुरुआती 2.5 GWh उत्पादन लाइन का उपयोग लगभग 85% तक पहुंचा, जबकि उत्पाद अस्वीकृति दर करीब 5% से घटकर लगभग 0.5% रही। प्रस्तुति में 350 से अधिक कंटेनर का निर्माण और डिलीवरी होने की जानकारी भी दी गई है।

लिस्टिंग के बाद ऊर्जा कारोबार से सबसे ज्यादा ऑर्डर

Pace Digitek ने बताया कि लिस्टिंग के बाद उसे कुल ₹8,038 करोड़ के ऑर्डर मिले। इनमें ऊर्जा कारोबार का योगदान ₹7,128 करोड़, यानी 88.7% रहा। Telecom & ICT कारोबार को ₹910 करोड़ के ऑर्डर मिले। ऊर्जा के ऑर्डर में EPC, उत्पाद आपूर्ति और BOO परियोजनाएं शामिल हैं।

  • पिछले 12 महीनों में निजी ग्राहकों से 930 MWh से अधिक BESS उत्पाद आपूर्ति ऑर्डर मिले।
  • इसी अवधि में निजी ग्राहकों को 350 MWh से अधिक BESS उत्पाद दिए गए।
  • FY2027 की पहली तिमाही तक MSEDCL परियोजनाओं में संचयी यूटिलिटी-स्तरीय कमीशनिंग 975 MWh से अधिक रही।

कंपनी ने ऊर्जा कारोबार में 5 GWh से अधिक की ऑर्डर दृश्यता बताई। साथ ही, लगभग 20 GWh से अधिक की टेंडर पाइपलाइन का उल्लेख किया, जिसमें आवेदन जमा करने या प्रक्रिया में चल रहे अवसर शामिल हैं। ये टेंडर हासिल किए गए ऑर्डर नहीं हैं।

विनिर्माण के साथ परियोजना और सेवा कारोबार

कंपनी BESS आपूर्ति के साथ सिस्टम इंटीग्रेशन, EPC और परिचालन एवं रखरखाव सेवाओं में भागीदारी बढ़ा रही है। इसमें अपने स्तर पर कंटेनर निर्माण और प्रमुख घटकों का स्थानीयकरण भी शामिल है।

प्रस्तुति के अनुसार, ₹819 करोड़ का IPO फ्रेश इश्यू MSEDCL की BESS BOO परियोजना और BESS संबंधी पूंजी जरूरतों के लिए जुटाया गया था। Telecom कारोबार में BSNL की 4G Saturation परियोजना के तहत 8,000 से अधिक साइट पूरी हुईं। TANFINET का OFC रोलआउट भी पूरा हो चुका है और अब परिचालन एवं रखरखाव चरण में है।