KEI Industries की GST मांग घटी, ₹2.23 करोड़ की संशोधित मांग और उतना ही जुर्माना
KEI Industries को GST अपील में आंशिक राहत मिली है। संशोधित मांग और जुर्माना ₹2.23 करोड़ प्रत्येक है। कंपनी शेष मांग के खिलाफ आगे अपील के विकल्प पर विचार कर रही

KEI Industries की GST मांग अपील के बाद और घट गई है। कंपनी ने 8 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि Commissioner (Appeals), Noida ने संबंधित आदेश में मांग कम की है। रोड रेस्टोरेशन शुल्क से जुड़ी संशोधित कर मांग ₹2,23,13,702 और उतनी ही राशि का जुर्माना है। इनपुट टैक्स क्रेडिट और बिना बिल वाले राजस्व की देर से बिलिंग पर ब्याज से संबंधित मांग हटा दी गई है।
अपील प्राधिकारी का आदेश 29 सितंबर, 2026 का है, जिसे कंपनी ने 7 अक्टूबर, 2026 को प्राप्त किया। यह मामला वित्त वर्ष 2017-18 से जुड़ा है। कंपनी ने SEBI के सूचीबद्धता नियमों के Regulation 30 के तहत शेयर बाजारों को इसकी जानकारी दी है।
किन मुद्दों पर मिली राहत?
फाइलिंग के मुताबिक, मूल विवाद में रोड कटिंग शुल्क पर रिवर्स चार्ज व्यवस्था के तहत GST, रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट का अंतर और बिना बिल वाले राजस्व की देर से बिलिंग पर ब्याज शामिल थे। अपील के बाद इन मुद्दों पर स्थिति इस प्रकार है:
- रोड रेस्टोरेशन शुल्क पर CGST/UPGST Act, 2017 की धारा 74(9) के तहत संशोधित कर मांग और जुर्माना बरकरार है।
- GSTR-3B में लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट के GSTR-2A, यानी GSTR-9 की तालिका 8A, से अधिक होने से संबंधित मांग रद्द कर दी गई है।
- बिना बिल वाले राजस्व की देर से बिलिंग पर ब्याज से संबंधित मांग भी हटा दी गई है।
कंपनी ने इससे पहले 4 फरवरी, 2025 को मूल GST मांग आदेशों की सूचना दी थी। वे आदेश 3 फरवरी, 2025 को Noida Audit Commissionerate के Joint Commissioner ने जारी किए थे। KEI Industries ने उन आदेशों के खिलाफ अपील दायर की थी, जिस पर विचार के बाद यह संशोधन हुआ है।
शेष मांग पर आगे अपील का विकल्प
KEI Industries का अपने आकलन के आधार पर कहना है कि शेष मांग टिकने योग्य नहीं है। कंपनी इसके खिलाफ Goods and Services Tax Appellate Tribunal में अपील सहित सभी विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है। फाइलिंग में आगे की अपील दाखिल होने की पुष्टि नहीं की गई है।
कंपनी ने कहा कि उसे इस मांग से अपने वित्तीय नतीजों, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर किसी प्रासंगिक असर की आशंका नहीं है। यह कंपनी का आकलन है। उपलब्ध विवरण में मूल मांग की राशि नहीं दी गई है, इसलिए कुल कटौती का आंकड़ा स्पष्ट नहीं है।
