Dynamic Cables के H1 नतीजे में राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज हुई। कंपनी ने 29 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल कॉन्फ्रेंस कॉल ट्रांसक्रिप्ट में बताया कि सितंबर में समाप्त पहली छमाही का राजस्व सालाना आधार पर 31% बढ़कर ₹712 करोड़ रहा। 27 अक्टूबर को हुई कॉल में प्रबंधन ने सितंबर तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा की।

H1 FY26 में कंपनी का राजस्व ₹543 करोड़ था। H1 FY27 में ऑपरेटिंग प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹74.3 करोड़ और ऑपरेटिंग मार्जिन 10.44% रहा। कर-पश्चात मुनाफा 24% बढ़कर ₹47.1 करोड़ पहुंचा। कंपनी ने अपनी ऑर्डर बुक लगभग ₹829 करोड़ बताई।

पहली छमाही के राजस्व में निजी ग्राहकों की हिस्सेदारी 69%, सरकारी ग्राहकों की 23% और निर्यात की 8% रही। प्रबंधन के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को GST सहित बिक्री के आधार पर देनदारियों की वसूली अवधि 60 दिन से कम थी।

नई इकाई से दूसरी छमाही में योगदान की उम्मीद

प्रबंध निदेशक Ashish Mangal ने बताया कि नई विनिर्माण इकाई में प्लांट और मशीनरी की स्थापना हो चुकी है। कंपनी को इससे FY27 की दूसरी छमाही में योगदान मिलने की उम्मीद है। प्रबंधन के मुताबिक, इस प्लांट में लगभग ₹40–45 करोड़ का निवेश हुआ है और शुरुआती राजस्व क्षमता करीब ₹240–250 करोड़ आंकी गई है। यह संभावित क्षमता है, चालू वित्त वर्ष के लिए तय राजस्व लक्ष्य नहीं।

उत्पादन बढ़ाने की समयसीमा पर प्रबंधन ने एक जवाब में अगले तीन से चार तिमाहियों का अनुमान दिया। बाद में नए प्लांट को इष्टतम स्तर तक लाने के लिए चार से पांच तिमाहियों की बात कही। कंपनी ने अंतिम ऑर्डर बुक का कोई निश्चित लक्ष्य नहीं दिया।

मार्जिन पर कायम अनुमान, निर्यात में बाधाएं

प्रबंधन ने लगभग 20% दीर्घकालिक सालाना चक्रवृद्धि बिक्री वृद्धि और 10%–11% EBITDA मार्जिन का अनुमान दोहराया। सितंबर तिमाही में वॉल्यूम वृद्धि करीब 6% रही। मार्जिन में बदलाव की मुख्य वजह निष्पादित ऑर्डरों का मिश्रण बताया गया।

  • लगभग 80%–90% अनुबंधों में मूल्य समायोजन का प्रावधान है, जिससे कच्चे माल की लागत में बदलाव ग्राहकों तक पहुंचाया जा सकता है।
  • नई इकाई के लिए कोई विशिष्ट कर्ज नहीं लिया गया है। प्रबंधन ने वित्त लागत को कार्यशील पूंजी और वेंडर फाइनेंसिंग से जोड़ा।
  • ऊंचे समुद्री मालभाड़े, बीमा लागत और भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निर्यात, खासकर अमेरिकी शिपमेंट, को प्रभावित किया। निर्यात की ऑर्डर बुक में हिस्सेदारी लगभग 7%–8% है।