Ascensive Educare Ltd ने 16 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल पत्र में बताया कि उसे 30 सितंबर 2026 को समाप्त छमाही के लिए संबंधित पक्ष लेनदेन के खुलासे जमा करने की आवश्यकता नहीं है। कंपनी ने SEBI के लिस्टिंग दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं यानी LODR विनियम, 2015 के तहत मिलने वाली छूट को इसका आधार बताया है।

यह सूचना विनियम 23(9) के तहत संबंधित पक्ष लेनदेन की जानकारी जमा करने की अनिवार्यता से जुड़ी है। कंपनी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उस पर संबंधित प्रावधान लागू नहीं होते, इसलिए उक्त छमाही के लिए यह विवरण दाखिल करना आवश्यक नहीं है। BSE में कंपनी का सिक्रिप कोड 543443 है।

कंपनी ने किस प्रावधान का दिया आधार

Ascensive Educare ने अपने पत्र में विनियम 15(2)(b) का उल्लेख किया है। कंपनी के अनुसार, 27 मार्च 2025 से प्रभावी संशोधन के बाद निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली BSE Startups पर सूचीबद्ध इकाइयों पर विनियम 23 के संबंधित पक्ष लेनदेन प्रावधान लागू नहीं होते। पत्र में इस छूट के लिए निम्न आधार बताए गए हैं:

  • सूचीबद्ध इकाई की निर्दिष्ट प्रतिभूतियां BSE Startups पर सूचीबद्ध हों।
  • पिछले वित्त वर्ष के अंतिम दिन चुकता इक्विटी शेयर पूंजी 10 करोड़ रुपये से अधिक न हो।
  • उसी तारीख को नेटवर्थ 25 करोड़ रुपये से अधिक न हो।

पत्र के मुताबिक, पूंजी और नेटवर्थ की दोनों सीमाएं छूट की पात्रता से जुड़ी हैं। ये नियामकीय सीमा राशियां हैं; कंपनी ने इस पत्र में अपनी वास्तविक चुकता इक्विटी पूंजी या नेटवर्थ के अलग आंकड़े नहीं दिए हैं।

पत्र का दायरा और हस्ताक्षर

दाखिल सूचना का विषय 30 सितंबर 2026 को समाप्त छमाही के लिए संबंधित पक्ष लेनदेन के खुलासे की गैर-अनिवार्यता है। इसमें किसी संबंधित पक्ष लेनदेन की राशि या उसका विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए इस पत्र को ऐसे लेनदेन नहीं होने की घोषणा के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।

पत्र पर कंपनी के Whole Time Director & CEO, Abhijit Chatterjee के हस्ताक्षर हैं। पत्र की तारीख 16 अक्टूबर 2026 और स्थान हुगली दर्ज है। कंपनी ने BSE के कॉरपोरेट सेवा विभाग से इस सूचना को रिकॉर्ड पर लेने का अनुरोध किया है।