A-One Steels India: A-One Steels का NCLT मामले में समझौता, लिखित आदेश का इंतजार
A-One Steels ने Shri Khatu Shyam Ispat Udyog LLP के साथ NCLT मामले में समझौता किया है। लिखित आदेश अभी नहीं मिला है; कंपनी इसकी उपलब्धता पर आगे जानकारी देगी।

A-One Steels India Ltd ने 14 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसके खिलाफ NCLT में चल रहे मामले में पक्षों के बीच समझौता हो गया है। Shri Khatu Shyam Ispat Udyog LLP की ओर से शुरू की गई कार्यवाही से जुड़े इस मामले में समझौता 14 अक्टूबर 2026 को हुआ। हालांकि, समझौते को दर्ज करने और/या कार्यवाही का निपटारा करने वाला न्यायाधिकरण का लिखित आदेश अभी प्रतीक्षित है।
यह मामला National Company Law Tribunal यानी NCLT की बेंगलुरु पीठ के समक्ष लंबित था। कंपनी ने इसकी पहचान केस नंबर C.P. (IB)/34/BB/2026 के रूप में की है। एक्सचेंजों को दी गई सूचना में कंपनी ने पक्षों के बीच समझौता होने की जानकारी दी है, जबकि लिखित आदेश मिलने की स्थिति अलग से स्पष्ट की है।
समझौता हुआ, आदेश अभी उपलब्ध नहीं
फाइलिंग के अनुसार, NCLT का संबंधित लिखित आदेश अभी उसकी वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुआ है। इसलिए उपलब्ध सूचना में पक्षों के बीच समझौते की पुष्टि है, लेकिन आदेश में दर्ज विवरण अभी सामने नहीं आए हैं। कंपनी ने कहा है कि आदेश प्राप्त होने या उपलब्ध होने पर, जैसा लागू हो, वह आगे खुलासा करेगी।
फाइलिंग में समझौते की राशि, भुगतान की शर्तों या किसी वित्तीय प्रभाव का विवरण नहीं दिया गया है। कंपनी ने इस सूचना के जरिए समझौते की तारीख, संबंधित पक्ष, मामले की पहचान और आदेश की उपलब्धता की स्थिति बताई है। लिखित आदेश की प्रतीक्षा होने के कारण इस खुलासे को कार्यवाही के अंतिम निपटारे का उपलब्ध न्यायिक आदेश नहीं माना जा सकता।
RHP में पहले दर्ज था मामला
A-One Steels ने बताया कि इस कार्यवाही का उल्लेख उसके Red Herring Prospectus यानी RHP के “Outstanding Litigations and Material Developments” खंड में पहले किया गया था। नया खुलासा उसी मामले में हुए समझौते से संबंधित है।
कंपनी ने यह सूचना SEBI (LODR) Regulations, 2015 के Regulation 30 और Schedule III के तहत BSE तथा NSE को भेजी है। उसका NSE सcrip symbol AONESTEELS और BSE scrip code 544952 है। फाइलिंग पर कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Pooja Sara Nagaraja के हस्ताक्षर हैं। अगली सूचना संबंधित लिखित आदेश प्राप्त होने या उपलब्ध होने पर दी जाएगी।
