किसानो के विरोध प्रदर्शन के चलते NHAI को हुआ 2,731 करोड़ रुपये का टोल घाटा
<p> <big><span [removed]="" 14.4px;"="">संसद को बुधवार को केंद्र द्वारा सूचित किया गया कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में किसानों के विरोध के कारण राज्य के स्वामित्व वाले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 2,731.32 रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।</big></p>

NEW DELHI-संसद को बुधवार को केंद्र द्वारा सूचित किया गया कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में किसानों के विरोध के कारण राज्य के स्वामित्व वाले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 2,731.32 रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।
राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विरोध ने अक्टूबर 2020 से टोल संग्रह को प्रभावित करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि शुरू में पंजाब में टोल प्लाजा को अक्टूबर 2020 में आंदोलनकारी किसानों द्वारा गैर-संचालन किया गया था।
यह भी कहा कि एनएचएआई के बकाया ऋण तीन साल में 338,250 करोड़ के लिए 176% की वृद्धि हुई।केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री (MoRTH) नितिन गडकरी ने राज्यसभा को बताया कि हरियाणा का नुकसान ₹ 1,319.61करोड़ दर्ज किए गए जबकि पंजाब का नुकसान उठाना पड़ा किसानों के आंदोलन की वजह से हुआ। वहीं राजस्थान ने ₹ 142.29 करोड़ का नुकसान दर्ज किया।
कुल मिलाकर, 60 से 65 राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा किसान आंदोलन की वजह से प्रभावित हुए ₹ 2731 करोड़ की टोल संग्रहण की हानि हो गई है।
सरकार ने यह भी कहा कि टोल प्लाजा पर कारोबार प्रभावित हो रहा है क्योंकि किसानों ने अभी तक साइटों को खाली नहीं किया है।
