NEW DELHI-एनएमडीसी ने वर्ष 2018-19 और वर्ष 2020-21 के लिए इस्पात राजभाषा प्रथम पुरस्कार और वर्ष 2019-20 के लिए इस्पात राजभाषा प्रेरणा पुरस्कार प्राप्त किया। एनएमडीसी की ओर से श्री सुमित देब, सीएमडी, ने ये पुरस्कार ग्रहण किया। माननीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने इस अवसर पर राजभाषा अधिकारी को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए।
 
मदुरै में इस्पात मंत्रालय द्वारा आयोजित हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में एनएमडीसी को माननीय केंद्रीय इस्पात मंत्री श्री राम चंद्र प्रसाद सिंह जी ने प्रतिष्ठित राजभाषा राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित किया।
 
एनएमडीसी एक पर्यावरण के अनुकूल खनन कंपनी है और भारत में लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है। 
 
यह इस्पात मंत्रालय के तहत एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम है और भारत सरकार के सबसे अधिक लाभदायक सार्वजनिक उपक्रमों में से एक है। 
 
एनएमडीसी छत्तीसगढ़ और कर्नाटक राज्यों में अत्यधिक मशीनीकृत लौह अयस्क खदानों का संचालन करती है और इस्पात निर्माण में उद्यम करने के लिए तैयार है।