NEW DELHI- कोलकाता में 9वीं अंतर्राष्ट्रीय खनन, उपकरण, खनिज और धातु प्रदर्शनी में कोल इंडिया के मंडप को 'मशीनरी/उत्पाद प्रदर्शन (बड़ा स्टाल)' श्रेणी में 'प्रथम पुरस्कार' मिला है। 120 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैले इस मंडप में सीआईएल की विभिन्न गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया।
 
राज्य के स्वामित्व वाला कोयला खनन निगम कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) नवंबर 1975 में अस्तित्व में आया। इसकी स्थापना के वर्ष में 79 मिलियन टन (एमटी) के साधारण उत्पादन करने वाली सीआईएल, आज विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक तथा 2,59,016 (1 अप्रैल 2021 तक) की श्रमशक्ति के साथ सबसे बड़े कॉर्पोरेट नियोक्ता में से एक है ।
 
भारत के आठ (8) राज्यों में विस्तृत सीआईएल 85 खनन क्षेत्रों में अपनी अनुषंगी कंपनियों के माध्यम से कार्य करता है। कोल इंडिया लिमिटेड की 345 खदानें हैं (1 अप्रैल, 2021 तक) जिनमें से 151 भूमिगत, 172 ओपन कास्ट और 22 मिश्रित खदानें हैं। 
 
वर्तमान में सीआईएल 35.38 एमटीवाई की कुल धुलाई क्षमता के साथ 13 कोयला वाशरी का संचालन कर रहा है (इनमें से 11 कोकिंग कोल वाशरी तथा शेष 2 नॉन-कोकिंग कोल वाशरी हैं) तथा अन्य प्रतिष्ठानों जैसे कार्यशालाओं, अस्पतालों आदि का भी प्रबंधन करता है। सीआईएल में 20 प्रशिक्षण संस्थान और 86 व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र हैं। 
 
भारतीय कोयला प्रबंधन संस्थान (आईआईसीएम) अत्याधुनिक प्रबंधन प्रशिक्षण 'उत्कृष्टता केंद्र' - भारत का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट प्रशिक्षण संस्थान - सीआईएल के अधीन कार्यरत है जो बहु-अनुशासनात्मक कार्यक्रम आयोजित करता है।
 
सीआईएल एक महारत्न कंपनी है –जो भारत सरकार द्वारा राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों का चयन करने उन्हें अपने संचालन का विस्तार करने और वैश्विक दिग्गजों के रूप में उभरने के लिए सशक्त बनाने के लिए एक विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति है। इस चुनिंदा क्लब में देश के तीन सौ से अधिक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में से केवल दस सदस्य हैं।
 
सीआईएल की सात उत्पादक अनुषंगी कंपनियां हैं, जिनके नाम ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल), साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) है तथा सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिज़ाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) नामक एक खान योजना और परामर्शदात्री कंपनी भी है। 
 
इसके अलावा, सीआईएलकी मोजाम्बिक में कोल इंडिया अफ्रीकाना लिमिटाडा (सीआईएएल) नाम की एक विदेशी अनुषंगी कंपनी है। असम की खदानों अर्थात नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स का प्रबंधन प्रत्यक्ष रुप से सीआईएल द्वारा किया जाता है।