Utkarsh Small Finance Bank Ltd ने 6 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कुल ऋण वितरण ₹3,525 करोड़ रहा। Utkarsh SFB ऋण वितरण में सालाना 54.9% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछली तिमाही से यह 4.6% बढ़ा। बैंक ने सितंबर में समाप्त तिमाही और छमाही के कारोबारी अपडेट के तहत ये आंकड़े दिए हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में गैर-JLG ऋण वितरण ₹2,602 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹1,340 करोड़ से 94.2% अधिक है। तिमाही आधार पर इसमें 19.4% की बढ़ोतरी हुई। इसके विपरीत, JLG ऋण वितरण ₹923 करोड़ रहा, जिसमें सालाना 1.3% और तिमाही आधार पर 22.4% की कमी आई।

कुल सकल ऋण पोर्टफोलियो ₹20,063 करोड़ पर पहुंचा। यह सितंबर 2025 के ₹18,655 करोड़ से 7.5% और जून 2026 के ₹19,610 करोड़ से 2.3% अधिक है।

गैर-JLG पोर्टफोलियो का हिस्सा 74% हुआ

गैर-JLG ऋण पोर्टफोलियो सालाना 35.1% बढ़कर ₹14,917 करोड़ रहा। दूसरी ओर, JLG पोर्टफोलियो 32.4% घटकर ₹5,146 करोड़ रह गया। कुल पोर्टफोलियो में JLG और गैर-JLG का अनुपात 26:74 रहा, जो एक साल पहले 41:59 था। सुरक्षित ऋणों का हिस्सा भी 47% से बढ़कर 52% हुआ।

बैंक की कुल जमा ₹23,869 करोड़ रही, जिसमें सालाना 6.6% और तिमाही आधार पर 3.3% की वृद्धि हुई। जमा के अलग-अलग हिस्सों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

  • CASA जमा 14.3% बढ़कर ₹5,121 करोड़ रही; जून तिमाही से वृद्धि 5.2% रही।
  • रिटेल टर्म डिपॉजिट सालाना 11.8% बढ़कर ₹14,442 करोड़ रही।
  • बल्क टर्म डिपॉजिट सालाना 13.5% घटकर ₹4,307 करोड़ रही, हालांकि तिमाही आधार पर इसमें 8.2% की वृद्धि हुई।

CASA अनुपात पिछले साल के 20.0% से बढ़कर 21.5% हुआ। CASA और रिटेल टर्म डिपॉजिट का संयुक्त अनुपात 82.0% रहा, जबकि एक साल पहले यह 77.8% और पिछली तिमाही में 82.8% था।

वसूली, तरलता और आंकड़ों की स्थिति

X बकेट कलेक्शन एफिशिएंसी 99.53% रही, जबकि एक साल पहले यह 98.62% और जून तिमाही में 99.63% थी। SMA पूल 1.48% रहा, जो सालाना आधार पर 4.87% से नीचे, लेकिन पिछली तिमाही के 1.20% से ऊपर है। 30 सितंबर 2026 को बैंक का तरलता कवरेज अनुपात यानी LCR 176% रहा।

बैंक ने स्पष्ट किया कि Q2 FY27 के आंकड़े अस्थायी हैं। इनकी संयुक्त सांविधिक लेखापरीक्षकों द्वारा समीक्षा तथा ऑडिट कमेटी और निदेशक मंडल की मंजूरी बाकी है। कुल और JLG ऋण पोर्टफोलियो में बैंक द्वारा जारी IBPC शामिल हैं। कुल जमा और टर्म डिपॉजिट के आंकड़ों में अर्जित और देय ब्याज भी शामिल है।