Prasol Chemicals Q1 नतीजे: कंपनी ने 5 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल अर्निंग्स कॉल ट्रांसक्रिप्ट में बताया कि Q1 FY27 में उसका शुद्ध मुनाफा 151% बढ़कर ₹61 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹24.3 करोड़ था। 29 सितंबर को हुई कॉल में प्रबंधन ने वित्तीय प्रदर्शन, विस्तार और मार्जिन के सामान्य स्तर पर लौटने की संभावना पर चर्चा की।

परिचालन से राजस्व 35.7% बढ़कर ₹433.6 करोड़ पहुंचा, जो Q1 FY26 में ₹319.6 करोड़ था। बिक्री मात्रा, बेहतर उत्पाद मिश्रण और ऊंची बिक्री कीमतों ने इसमें योगदान दिया। EBITDA ₹40.6 करोड़ से बढ़कर ₹90.3 करोड़ रहा, यानी 122.4% की वृद्धि। EBITDA मार्जिन 12.7% से बढ़कर 20.8% हुआ, जबकि शुद्ध मुनाफा मार्जिन 14.1% रहा।

मार्जिन में कीमतों से मिला अस्थायी लाभ

प्रबंधन के मुताबिक, पश्चिम एशिया संघर्ष और Strait of Hormuz में व्यवधान से कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल तथा माल ढुलाई की लागत बढ़ी। कम कीमत पर खरीदे गए स्टॉक को ऊंची बिक्री कीमतों पर बेचने से तिमाही के मार्जिन को लाभ मिला। कंपनी ने सकल मुनाफे पर ₹25 करोड़ का सकारात्मक प्रभाव बताया। विदेशी मुद्रा उतार-चढ़ाव से भी ₹0.92 करोड़ का सकारात्मक असर रहा।

सकल मार्जिन पिछले साल के 30% से बढ़कर 37.9% रहा। हालांकि, प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इस सुधार का कुछ हिस्सा स्थायी नहीं है। सामान्य परिस्थितियों में कंपनी सकल मार्जिन 30-32% के दायरे में देखती है। तिमाही राजस्व में निर्यात का हिस्सा 27% रहा।

दो वर्षों में पहले चरण का विस्तार

कंपनी ने मौजूदा उत्पादों की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹250-300 करोड़ के पहले चरण के विस्तार की योजना बताई है। इसे अगले दो वर्षों में पूरा करने और आंतरिक नकदी तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्ज से वित्तपोषित करने का प्रस्ताव है।

  • पहले चरण में लगभग ₹50-60 करोड़ भूमि और बुनियादी ढांचे पर खर्च होंगे। पूर्ण क्षमता उपयोग पर इससे ₹500-550 करोड़ राजस्व मिलने की उम्मीद है।
  • दूसरे चरण में नए R&D उत्पादों के लिए करीब ₹250-300 करोड़ का विस्तार प्रस्तावित है। उत्पाद चयन, स्थल तैयारी और नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया जारी है।

प्रबंधन ने FY27 के लिए ₹1,550-1,650 करोड़ राजस्व और ₹240-250 करोड़ EBITDA का अनुमान दिया है। इसमें भू-राजनीतिक आपूर्ति व्यवधानों से कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा विदेशी मुद्रा लाभ-हानि शामिल नहीं हैं। कंपनी ने IPO की शुद्ध प्राप्तियों में से ₹60 करोड़ उधारी चुकाने में इस्तेमाल करने की भी जानकारी दी।