Sugs Lloyd के नतीजे में H1 FY27 का शुद्ध मुनाफा 69% बढ़कर ₹20.01 करोड़ रहा। कंपनी ने 5 नवंबर 2026 को BSE में दाखिल अर्निंग्स कॉल ट्रांसक्रिप्ट में यह जानकारी दी। 3 नवंबर को आयोजित कॉल में प्रबंधन ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय प्रदर्शन, ऑर्डर बुक और कार्यशील पूंजी पर चर्चा की।

छमाही में परिचालन राजस्व पिछले वर्ष के ₹123.03 करोड़ से 73% बढ़कर ₹213.31 करोड़ पहुंचा। EBITDA 64% बढ़कर ₹31 करोड़ रहा और इसका मार्जिन 14.5% रहा। प्रति शेयर आय ₹6.86 से बढ़कर ₹8.62 हुई। प्रबंधन के अनुसार, कंपनी ने छह महीनों में ही पूरे FY26 के राजस्व का 71% हासिल कर लिया।

दूसरी तिमाही में राजस्व सालाना आधार पर 12% और पिछली तिमाही के मुकाबले 72% बढ़कर ₹134.91 करोड़ रहा। तिमाही EBITDA ₹19.1 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹12.51 करोड़ रहा। मुनाफे में सालाना वृद्धि 108% थी।

सात नए ऑर्डर, बिहार पर निर्भरता घटी

कंपनी को दूसरी तिमाही में GST छोड़कर ₹395 करोड़ के सात नए ऑर्डर मिले। सभी ऑर्डर बिहार के बाहर से आए। 30 सितंबर को कुल ऑर्डर बुक ₹1,067 करोड़ थी, जिसमें करीब ₹929 करोड़ पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के थे तथा शेष सोलर कारोबार से जुड़े थे।

ऑर्डर बुक में बिहार की हिस्सेदारी जुलाई के अंत के करीब 82% से घटकर लगभग 55% रह गई। प्रबंधन के मुताबिक, करीब 90% ऑर्डर बुक सरकारी यूटिलिटीज, PSUs और केंद्र से वित्तपोषित योजनाओं से जुड़ी है।

  • ओडिशा का रखरखाव अनुबंध 1 अक्टूबर से शुरू हुआ। तीन वर्ष के इस अनुबंध से सालाना लगभग ₹60 करोड़ राजस्व मिलने की उम्मीद है।
  • पंजाब का RDSS कार्य 15 महीनों में पूरा करने की योजना है।
  • ₹1,260 करोड़ की बोलियां मूल्यांकन के अंतिम चरण में हैं; इन्हें अभी मिले हुए ऑर्डर नहीं माना गया है।

नकदी प्रवाह पर दबाव, लक्ष्य बरकरार

छमाही में परिचालन नकदी बहिर्वाह ₹12 करोड़ रहा, जबकि पूरे FY26 में यह ₹37 करोड़ था। पिछले 12 महीनों के आधार पर प्राप्तियों की वसूली अवधि जून के करीब 179 दिनों से घटकर सितंबर में लगभग 150 दिन रही। प्रबंधन ने कहा कि तेज वृद्धि जारी रहने पर परिचालन नकदी प्रवाह नकारात्मक रह सकता है।

कंपनी ने FY27 के ₹600 करोड़ राजस्व लक्ष्य और FY28 तक उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 10% करने का लक्ष्य बरकरार बताया। FY28 के लिए ₹1,000 करोड़ राजस्व की दिशा में काम जारी है। ये प्रबंधन के लक्ष्य हैं। कंपनी ने फिलहाल अतिरिक्त इक्विटी जारी कर हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं बताई।