Motherson Q2 नतीजे: Samvardhana Motherson International Ltd ने 5 नवंबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में उसका समेकित राजस्व 27% बढ़कर ₹38,280 करोड़ रहा। यह कंपनी का अब तक का सर्वाधिक तिमाही राजस्व है। बोर्ड ने इसी दिन वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन तथा समेकित वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।

तिमाही EBITDA सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹3,353 करोड़ पहुंचा। कंपनी की प्रस्तुति में सामान्यीकृत PAT (Concern Share) ₹1,175 करोड़ बताया गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही से 37% अधिक है। यह सामान्यीकृत लाभ का आंकड़ा है; तुलना में पिछले वर्ष के PAT में यूरोप के कारोबारी पुनर्गठन से जुड़े ₹29 करोड़ के कर-पश्चात असाधारण खर्च का समायोजन किया गया है।

कंपनी ने राजस्व वृद्धि का श्रेय Autoelectric और Yutaka Giken के एकीकरण तथा वायरिंग हार्नेस कारोबार के मजबूत प्रदर्शन को दिया। कारोबारों का विस्तार लाभ वृद्धि का आधार रहा।

अधिग्रहण के एकीकरण से तिमाही मार्जिन पर दबाव

तिमाही EBITDA मार्जिन 9.0% से घटकर 8.8% रहा। कंपनी के अनुसार, नए अधिग्रहीत कारोबारों के एकीकरण का असर निकालने पर मार्जिन में सालाना और पिछली तिमाही, दोनों के मुकाबले सुधार हुआ। MPP कारोबार में लागत नियंत्रण और ऑटोमेशन ने बढ़ती इनपुट लागत का असर कम करने में मदद की।

पहली छमाही में भी कंपनी ने अब तक का सर्वाधिक राजस्व दर्ज किया। तुलनात्मक प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

सूचक H1 FY27 सालाना वृद्धि
राजस्व ₹73,524 करोड़ 22%
EBITDA ₹6,457 करोड़ 25%
सामान्यीकृत PAT (Concern Share) ₹2,207 करोड़ 45%

छमाही EBITDA मार्जिन पिछले वर्ष के 8.6% से सुधरकर 8.8% रहा।

बुक्ड बिजनेस 106 अरब डॉलर, निवेश जारी

30 सितंबर 2026 तक कंपनी का बुक्ड बिजनेस सर्वकालिक उच्च स्तर 106 अरब डॉलर रहा। इसमें Consumer Electronics शामिल नहीं है, जबकि समेकित खातों में शामिल नहीं होने वाले संयुक्त उद्यमों का बुक्ड बिजनेस शामिल है।

  • दूसरी तिमाही में पूंजीगत व्यय ₹1,971 करोड़ रहा, जो EBITDA का 59% है।
  • FY27 के लिए पूंजीगत व्यय का मार्गदर्शन ₹6,000 करोड़, 10% ऊपर या नीचे, रखा गया है।
  • नेट लीवरेज अनुपात 0.8 गुना पर स्थिर रहा।
  • तिमाही में एक संयंत्र चालू हुआ और पांच विस्तारों की घोषणा हुई।

कंपनी ने Rotary Connectors (India) के अधिग्रहण की घोषणा भी की। प्रस्तुति के अनुसार, इससे Aerospace और Defence पोर्टफोलियो में MIL-spec कनेक्टर क्षमताएं जुड़ेंगी और Electrical Wiring Interconnection Systems (EWIS) में उसकी स्थिति मजबूत होगी।