Magnus Steel and Infra Ltd ने 7 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल सूचना में प्रस्तावित राइट्स इश्यू के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की जानकारी दी। Magnus Steel राइट्स इश्यू के तहत पूर्ण भुगतान वाले इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव है। संलग्न पत्र में BSE ने कंपनी को निर्धारित शर्तों के साथ अपने लेटर ऑफ ऑफर में एक्सचेंज का नाम इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

BSE का यह पत्र 7 अक्टूबर 2026 का है और इसमें कंपनी के 16 जुलाई 2026 के आवेदन का संदर्भ दिया गया है। अनुमति के अनुसार, कंपनी अपने प्रस्तावित शेयरों की लिस्टिंग वाले स्टॉक एक्सचेंज के तौर पर BSE का नाम लेटर ऑफ ऑफर में लिख सकती है। हालांकि, पत्र ने इस अनुमति का दायरा भी स्पष्ट किया है।

एक्सचेंज का नाम इस्तेमाल करने की शर्तें

कंपनी को लेटर ऑफ ऑफर में SEBI के डिस्क्लेमर के बाद BSE का निर्धारित डिस्क्लेमर देना होगा। राइट्स इश्यू से जुड़े जिन विज्ञापनों में एक्सचेंज का नाम आएगा, उनमें भी संबंधित डिस्क्लेमर शामिल करना आवश्यक है।

विज्ञापनों में पूरे डिस्क्लेमर की जगह पत्र में दिया गया संक्षिप्त पाठ इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें स्पष्ट करना होगा कि BSE की अनुमति को लेटर ऑफ ऑफर की मंजूरी नहीं माना जाए और एक्सचेंज उसकी सामग्री की शुद्धता या पूर्णता प्रमाणित नहीं करता। पूरे डिस्क्लेमर के लिए लेटर ऑफ ऑफर देखने का उल्लेख भी करना होगा।

BSE ने बताया कि उसने लेटर ऑफ ऑफर की जांच केवल नाम इस्तेमाल करने की अनुमति पर निर्णय लेने के सीमित आंतरिक उद्देश्य से की है।

अनुमति में क्या शामिल नहीं है

पत्र के अनुसार, यह अनुमति लेटर ऑफ ऑफर का अनुमोदन नहीं है। एक्सचेंज ने अपनी जिम्मेदारी की सीमाएं स्पष्ट की हैं:

  • वह ऑफर दस्तावेज की सामग्री की शुद्धता या पूर्णता का समर्थन अथवा प्रमाणन नहीं करता।
  • वह कंपनी की प्रतिभूतियों की लिस्टिंग होने या जारी रहने की गारंटी नहीं देता।
  • वह कंपनी, उसके प्रवर्तकों, प्रबंधन या किसी योजना अथवा परियोजना की वित्तीय या अन्य सुदृढ़ता की जिम्मेदारी नहीं लेता।

डिस्क्लेमर में प्रतिभूतियां लेने वालों की स्वतंत्र जांच और विश्लेषण का उल्लेख है। सदस्यता या अधिग्रहण से हुए नुकसान के लिए एक्सचेंज के खिलाफ दावा नहीं किए जाने की शर्त भी दी गई है। उपलब्ध अंश में इश्यू का आकार, मूल्य, पात्रता अनुपात, रिकॉर्ड तारीख या सदस्यता अवधि नहीं बताई गई है।