Indrayani Biotech नतीजे: कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में सालाना 245.05% बढ़कर ₹54 लाख रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹15.65 लाख था। कंपनी की 7 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग के अनुसार, परिचालन राजस्व 29.56% बढ़कर ₹3,770.55 लाख पहुंचा। बोर्ड ने उसी दिन ऑडिट समिति की सिफारिश पर अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और समेकित परिणाम मंजूर किए।

समेकित कुल आय ₹3,015.99 लाख से बढ़कर ₹3,929.65 लाख रही, जबकि कर-पूर्व मुनाफा ₹20.87 लाख से बढ़कर ₹58.88 लाख हुआ। अन्य आय ₹105.62 लाख के मुकाबले ₹159.10 लाख रही। नीचे सभी रकम लाख रुपये में हैं; प्रति शेयर आय यानी EPS रुपये में है। बदलाव पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले हैं।

समेकित संकेतक जून 2026 तिमाही जून 2025 तिमाही सालाना बदलाव
परिचालन राजस्व 3,770.55 2,910.37 29.56% वृद्धि
कुल आय 3,929.65 3,015.99 30.29% वृद्धि
कर-पूर्व मुनाफा 58.88 20.87 182.13% वृद्धि
कर-पश्चात शुद्ध मुनाफा 54.00 15.65 245.05% वृद्धि
बेसिक और डाइल्यूटेड EPS 0.06 0.02 200% वृद्धि

स्टैंडअलोन राजस्व घटा, मुनाफा बढ़ा

स्टैंडअलोन आधार पर परिचालन राजस्व पिछले साल की जून तिमाही के ₹668.57 लाख से घटकर ₹415.34 लाख रहा। कुल आय भी ₹757.73 लाख से घटकर ₹434.10 लाख रही। हालांकि, कुल खर्च ₹740.70 लाख से घटकर ₹414.72 लाख होने के बीच कर-पूर्व मुनाफा ₹17.03 लाख से बढ़कर ₹19.38 लाख हुआ।

स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा ₹14.50 लाख रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹12.77 लाख था। बेसिक और डाइल्यूटेड EPS दोनों ₹0.03 पर स्थिर रहे। ये आंकड़े कंपनी के अलग वित्तीय परिणाम हैं और समेकित समूह के आंकड़ों से अलग हैं।

सीमित समीक्षा में सहायक इकाइयों से जुड़ी सीमा

Venkatesh & Co ने परिणामों की सीमित समीक्षा की। स्टैंडअलोन रिपोर्ट में कोई ऐसी बात सामने नहीं आने की बात कही गई है जिससे जरूरी खुलासों में कमी या महत्वपूर्ण गलत विवरण का संकेत मिले। कंपनी ने समीक्षा निष्कर्ष को अनमॉडिफाइड बताया। ऑडिटर ने स्पष्ट किया कि सीमित समीक्षा पूर्ण ऑडिट नहीं है और इससे ऑडिट की तुलना में कम आश्वासन मिलता है।

समेकित रिपोर्ट के अनुसार, ऑडिटर ने सात सहायक और दो स्टेप-डाउन सहायक कंपनियों की वित्तीय जानकारी की समीक्षा नहीं की। इन इकाइयों का कुल राजस्व ₹3,405.80 लाख और कुल व्यापक लाभ ₹39.50 लाख था। इनसे संबंधित आंकड़ों और खुलासों पर निष्कर्ष प्रबंधन की रिपोर्टों तथा बताई गई समीक्षा प्रक्रियाओं पर आधारित था।

बोर्ड ने 7 अक्टूबर से ऑडिट, स्टेकहोल्डर रिलेशनशिप और राइट्स इश्यू समितियों का पुनर्गठन भी मंजूर किया। परिणामों के नोट्स के अनुसार, तिमाही के दौरान कोई निवेशक शिकायत प्राप्त नहीं हुई।