Emkay Global Financial Services: Emkay Global लिस्टिंग: 1 लाख शेयरों को NSE की सैद्धांतिक मंजूरी
Emkay Global के 1 लाख शेयरों की लिस्टिंग को NSE की सैद्धांतिक मंजूरी मिली। शेयरों में कारोबार शुरू होने के लिए डिपॉजिटरी से खाते में क्रेडिट की पुष्टि जरूरी है।

Emkay Global Financial Services Ltd ने 16 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल सूचना में बताया कि NSE ने वारंट के रूपांतरण से आवंटित 1,00,000 इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग के लिए मंजूरी दी है। Emkay Global लिस्टिंग से जुड़े संलग्न NSE पत्र के अनुसार, यह सैद्धांतिक मंजूरी है। शेयरों की लिस्टिंग और एक्सचेंज पर कारोबार की अनुमति लाभार्थियों के खातों में शेयर क्रेडिट होने की डिपॉजिटरी पुष्टि मिलने पर निर्भर है।
इन शेयरों का अंकित मूल्य 10 रुपये प्रति शेयर है। कंपनी के मुताबिक, ये शेयर उसके प्रमोटरों में शामिल Prakash Kacholia को तरजीही आधार पर जारी किए गए उतनी ही संख्या के वारंट के रूपांतरण से आवंटित हुए हैं। इस तरह मंजूरी का संबंध पहले जारी वारंट से बने इक्विटी शेयरों से है।
NSE के पत्र में क्या शर्त है?
NSE ने 16 अक्टूबर 2026 के अपने पत्र में कहा कि उसने कंपनी की लिस्टिंग अर्जी और उससे जुड़े दस्तावेजों तथा विवरणों की समीक्षा के बाद सैद्धांतिक मंजूरी दी है। पत्र का संदर्भ नंबर NSE/LIST/56928 है। मंजूरी में शामिल 1,00,000 शेयरों की विशिष्ट संख्या 27525581 से 27625580 तक है।
एक्सचेंज के अनुसार, NSDL/CDSL से लाभार्थियों के खातों में शेयर क्रेडिट होने की पुष्टि मिलने के बाद इन शेयरों को सूचीबद्ध किया जाएगा और कारोबार के लिए स्वीकार किया जाएगा। इसलिए कंपनी की सूचना में इस्तेमाल हुए ‘लिस्टिंग मंजूरी’ शब्दों को संलग्न पत्र की इस शर्त के साथ पढ़ना जरूरी है। पत्र में कारोबार शुरू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई है।
खुलासे और मंजूरी की अन्य बातें
कंपनी ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताओं संबंधी नियमों के Regulation 30 तथा Schedule III के तहत दी है। सूचना पर कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी Nishant S. Shirke के हस्ताक्षर हैं। कंपनी का NSE सिंबल EMKAY और BSE इक्विटी स्क्रिप कोड 532737 है।
NSE ने अपने पत्र में मंजूरी वापस लेने का अधिकार भी सुरक्षित रखा है। एक्सचेंज को दी गई जानकारी अधूरी, गलत, भ्रामक या असत्य पाए जाने, अथवा संबंधित नियमों और नियामकीय प्रावधानों का उल्लंघन होने पर वह बाद में सैद्धांतिक मंजूरी वापस ले सकता है।
