सीसीएल आयोग ने पिपराडीह गांव में शुरू की सौर ऊर्जा संचालित डीप बोरिंग
<p> <big><span [removed]="" 14.4px;"="">आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने झारखंड में कांजकिरो पंचायत के पिपराडीह गांव में एक 'सौर संचालित डीप बोरिंग सिस्टम' चालू किया है।</big></p>

NEW DELHI- आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने झारखंड में कांजकिरो पंचायत के पिपराडीह गांव में एक 'सौर संचालित डीप बोरिंग सिस्टम' चालू किया है।
सीसीएल के बोकारो और करगली क्षेत्र की इस सीएसआर पहल से पिपराडीह गांव स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय के 500 छात्रों के अलावा क्षेत्र के आसपास रहने वाले 600 ग्रामीणों को लाभ होगा।
सेन्ट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड वर्ष 2007 से कैटंगरी 1 मिनीरत्न कंपनी है।वर्ष 2009-10 के दौरान कंपनी का कोयला उत्पादन उच्चतम स्तर 47.08 मिलियन टन पहुंच गया तथा पेड-अप कैपिटल रू० 940 करोड़ के विरूद्घ नेटवर्थ रू० 2644 करोड़ हो गया।
सीसीएल की स्थापना (सर्वप्रथम एनसीडीसी लिमिटेड) एक नवम्बर 1975 को सीआईएल की पांच सहायक कंपनियों में सेएक सहायक कंपनी के रूप में हुई।कोलइंडिया लिमिटेड कोयला हेतु देश की प्रथम नियंत्रक कंपनी है।अभी सीआईएल की आठ सहायक कम्पनियॉं हैं|
