सीसीएल ने लगाया मेगा स्वास्थ्य शिविर
<p> <big><span [removed]="position: absolute; top: 12px; width: 1px; height: 1px; overflow: hidden; left: -1000px;"> <p> <span [removed] 14.4px;">Central coalfields limited के केंद्रीय अस्पताल के तीस विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम ने महिलाओं और बच्चों सहित 2000 से अधिक लोगों की जांच की और मुफ्त दवाएं वितरित की गईं।</span></p> </body>

NEW DELHI-सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने एक नई सीएसआर पहल में झारखंड के आम्रपाली, चंद्रगुप्त और पिपरवार क्षेत्र में एक मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया।
Central coalfields limited के केंद्रीय अस्पताल के तीस विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम ने महिलाओं और बच्चों सहित 2000 से अधिक लोगों की जांच की और मुफ्त दवाएं वितरित की गईं।
CCL का पूर्व इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। एनसीडीसी के रूप में भारत में कोयले के राष्ट्रीयकरण के प्रारम्भ में इसकी घोषणा की गई।
एनसीडीसी की स्थापना भारत सरकार के औद्योगिक नीति संकल्प 1948 तथा 1956 के अनुसरण में सरकारी स्वामित्व वाली कम्पनी के रूप में अक्तुवर 1956 में हुई।
इसका प्रारम्भ 11 पूरानी राज्य कोलियरियों में हुआ।(रेवले के स्वामित्व में) जिसका वार्षिक उत्पादन 2.9 मिलियन टन था।
एनसीडीसी की स्थापना तक भारत में कोयले का खनन वेस्ट बंगाल में रानीगंज कोल वेल्ट तथा बिहार(अब झारखण्ड) में झरिया कोलफील्ड में फैला हुआ था।
इसके अलावा बिहार के(अब झारखण्ड) कुछ क्षेत्र और मध्य प्रदेश, अब छत्तीसगढ़ भी, तथा उड़ीसा में फैला हुआ है।
प्रारम्भ से ही एनसीडीसी ने कोयला उत्पादन बढ़ाने तथा नये कोयला संसाधनों को विकसित करने का कार्य किया। इसके अलावा कोयला खनन के आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीक की स्थापना किया।
दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-1961) में एनसीडीसी ने पूर्णतया विकसित रानीगंज और झरिया कोयला क्षेत्र से दूर खोले जाने वाली कॉलियरियों से उत्पादन बढ़ाने का कदम उठाया।
इस अवधि में आठ नई कोलियरियॉं खोली गई तथा दूसरी पंचवर्षीय योजना के अंत तक 8.05 मिलियन टन उत्पादन बढ़ गया।
सी.एम.ए.एल. अपने तीन डिवीजन के साथ 1 नवम्बर 1975 तक था वाद में कोयला उद्योग का पुनर्गठन हेतु भारत सरकार के निर्णय के अनुसार इसका पुनः नामकरण हो कर कोल इण्डिया लिमिटेड (सी.आई.एल) हुआ।
सी.एम.ए.एल. के सेन्ट्रल डिवीजन को सेन्ट्रल कोलफील्डस लिमिटेड के रूप में जाना गया तथा ये सी.आई.एल., जो नियंत्रक कंपनी बनी, की एक सहायक कंपनी के रूप में अलग से एक कंपनी हुई।
