Varroc Engineering पर RBI का आदेश विदेशी इकाई से मिलने वाली बकाया रकम को निर्धारित समय में भारत वापस नहीं लाने से जुड़ा है। Varroc Engineering Ltd ने 14 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसे इस मामले में भारतीय रिजर्व बैंक का कंपाउंडिंग आदेश मिला है। आदेश के तहत कंपनी पर ₹3,91,000 की कंपाउंडिंग राशि लगाई गई है।

RBI के विदेशी मुद्रा विभाग, मुंबई ने यह आदेश 13 अक्टूबर 2026 को पारित किया था। कंपनी के मुताबिक, उसने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 यानी FEMA और उससे जुड़े विदेशी निवेश नियमों के तहत उल्लंघनों की कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया था। RBI के आदेश के साथ यह आवेदन निस्तारित हो गया है।

किस नियम से जुड़ा है मामला?

फाइलिंग के अनुसार, उल्लंघन विदेशी इकाई से प्राप्त होने वाली बकाया राशि के प्रत्यावर्तन में देरी का है। यह रकम FEMA (Overseas Investment) Regulations, 2022 के Regulation 9(4) में निर्धारित अवधि के भीतर वापस नहीं लाई गई थी। कंपनी ने इसी देरी से संबंधित उल्लंघनों के लिए RBI के समक्ष कंपाउंडिंग आवेदन दाखिल किया था।

दिए गए खुलासे में विदेशी इकाई का नाम, उससे मिलने वाली कुल बकाया रकम और देरी की अवधि नहीं बताई गई है। इसलिए ₹3.91 लाख को विदेशी इकाई से वसूल की जाने वाली राशि नहीं समझना चाहिए; यह RBI द्वारा आदेश में निर्धारित कंपाउंडिंग राशि है। फाइलिंग में इस राशि के भुगतान की पुष्टि भी नहीं दी गई है।

कंपनी ने वित्तीय असर पर क्या बताया?

Varroc Engineering ने कहा कि कंपाउंडिंग राशि के अलावा कोई भौतिक प्रभाव नहीं है। उसका यह आकलन कंपनी की वित्तीय स्थिति, परिचालन और अन्य गतिविधियों के संदर्भ में दिया गया है। खुलासे में अलग से किसी अन्य वित्तीय प्रभाव की रकम नहीं बताई गई है।

कंपनी ने SEBI के सूचीबद्धता नियमों के Regulation 30 और Schedule III के तहत BSE तथा NSE को यह सूचना दी। पत्र पर कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Anil Ghatiya के हस्ताक्षर हैं। कंपनी ने बताया कि जानकारी उसकी वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है। NSE पर कंपनी का प्रतीक VARROC और BSE पर सुरक्षा कोड 541578 है।