Eimco Elecon परिणाम: कंपनी ने 13 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि सितंबर में समाप्त FY27 की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 46.37% बढ़कर ₹783.24 लाख रहा। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹535.12 लाख था। परिचालन राजस्व 70.89% बढ़कर ₹5,679.72 लाख पहुंचा। इसी बैठक में बोर्ड ने CFO Vishal C. Begwani के इस्तीफे को भी संज्ञान में लिया।

ये कंपनी के स्टैंडअलोन वित्तीय आंकड़े हैं। 30 सितंबर 2026 को कंपनी की कोई सहायक, सहयोगी या संयुक्त उद्यम कंपनी नहीं थी। इसका एकमात्र रिपोर्टिंग कारोबार खंड मशीनरी और स्पेयर्स है।

सितंबर तिमाही में आय और मुनाफे का हिसाब

नीचे रकम ₹ लाख में है; EPS रुपये प्रति शेयर में है। सालाना बदलाव फाइलिंग के स्पष्ट तुलनीय आंकड़ों से निकाले गए हैं।

मद Q2 FY27 Q2 FY26 सालाना बदलाव
परिचालन राजस्व 5,679.72 3,323.64 70.89% वृद्धि
कुल आय 5,868.78 3,750.86 56.46% वृद्धि
कर पूर्व लाभ 1,044.24 689.22 51.51% वृद्धि
कर पश्चात शुद्ध लाभ 783.24 535.12 46.37% वृद्धि
बेसिक और डाइल्यूटेड EPS 13.58 9.28 46.34% वृद्धि

सालाना बढ़त के बावजूद जून 2026 तिमाही की तुलना में सितंबर तिमाही का राजस्व और मुनाफा कम रहा। जून तिमाही में परिचालन राजस्व ₹7,752.31 लाख और शुद्ध मुनाफा ₹1,537.85 लाख था। यह तिमाही-दर-तिमाही यानी QoQ तुलना है।

अप्रैल-सितंबर 2026 छमाही में परिचालन राजस्व ₹13,432.03 लाख रहा, जबकि पिछली समान अवधि में यह ₹10,080.63 लाख था। छमाही शुद्ध मुनाफा ₹1,983.38 लाख से बढ़कर ₹2,321.09 लाख हुआ। हालांकि, परिचालन गतिविधियों से शुद्ध नकदी प्रवाह ₹604.44 लाख से घटकर ₹183.78 लाख रहा।

कंपनी की प्रस्तुति के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को ऑर्डर बुक ₹133 करोड़ थी, जबकि सितंबर 2025 में ₹44 करोड़ थी। कार्यकारी निदेशक Kamlesh N. Shah ने राजस्व वृद्धि का कारण ऑर्डर बुक का क्रियान्वयन, नए ऑर्डर और मांग को बताया। कंपनी के अनुसार, बेहतर क्षमता उपयोग और लागत नियंत्रण से तिमाही EBITDA मार्जिन 18.8% रहा।

CFO का इस्तीफा और ऑडिटर की समीक्षा

Vishal C. Begwani 30 अक्टूबर 2026 को कारोबारी समय समाप्त होने पर CFO और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक यानी KMP का पद छोड़ेंगे। उन्होंने दूसरी पेशेवर अवसर की तलाश को इस्तीफे का कारण बताया है। कंपनी को उन्होंने पुष्टि दी कि इसके अलावा कोई अन्य महत्वपूर्ण कारण नहीं है।

उसी तारीख से वे जोखिम समिति के सदस्य और एक्सचेंज खुलासों के लिए घटनाओं की महत्वपूर्णता तय करने वाले अधिकृत KMP भी नहीं रहेंगे। अपने 5 सितंबर के पत्र में उन्होंने वित्तीय कामकाज, वैधानिक रिपोर्टिंग और ऑडिट संबंधी जिम्मेदारियों का व्यवस्थित हस्तांतरण करने की बात कही।

वैधानिक ऑडिटर K C Mehta & Co LLP ने तिमाही और छमाही नतीजों की सीमित समीक्षा में बिना संशोधन वाला निष्कर्ष दिया। यह सीमित समीक्षा थी, पूर्ण ऑडिट नहीं।