Quality Power Electrical Equipments Ltd ने 15 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में Quality Power EGM के नोटिस का संशोधन जारी किया है। इसमें प्रस्तावित प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू के मूल्य निर्धारण पर अतिरिक्त स्पष्टीकरण दिया गया है। कंपनी के अनुसार, इश्यू प्राइस ₹1,460 प्रति इक्विटी शेयर और फ्लोर प्राइस ₹1,456.40 प्रति शेयर बना हुआ है। शेयरधारकों की असाधारण आम बैठक 19 अक्टूबर 2026 को होगी।

कंपनी ने प्रस्तावित इश्यू के लिए NSE और BSE में सैद्धांतिक मंजूरी के आवेदन किए हैं। इस प्रस्ताव पर सदस्यों की मंजूरी मांगी जा रही है। NSE की टिप्पणियों के बाद कंपनी ने पहले 9 अक्टूबर को संशोधन जारी किया था। एक्सचेंज से एक अतिरिक्त टिप्पणी पत्र मिलने पर अब मूल्य निर्धारण से संबंधित और विवरण जोड़े गए हैं।

फ्लोर प्राइस कैसे तय हुआ

नया खुलासा EGM नोटिस के मद संख्या 1 से जुड़े व्याख्यात्मक विवरण में शामिल किया गया है। कंपनी के Articles of Association के अनुच्छेद 17(a)(iii) के अनुसार, विशेष प्रस्ताव से अधिकृत अतिरिक्त शेयरों का मूल्य पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर तय होना चाहिए। प्रेफरेंशियल आधार पर जारी शेयरों के मूल्य निर्धारण के लिए इन अनुच्छेदों में कोई अन्य तरीका निर्धारित नहीं है।

  • SEBI ICDR के विनियम 164(1) के तहत निर्धारित मूल्य ₹1,456.40 प्रति इक्विटी शेयर है।
  • स्वतंत्र पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता CA Aman Bansal की 23 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में भी प्रति शेयर मूल्य ₹1,456.40 तय किया गया है।
  • दोनों आधारों में अधिक मूल्य को फ्लोर प्राइस मानना है। समान मूल्य होने से फ्लोर प्राइस ₹1,456.40 बना हुआ है।

कंपनी ने कहा कि ₹1,460 का इश्यू प्राइस इस न्यूनतम मूल्य से कम नहीं है और Articles of Association, कंपनी अधिनियम की धारा 62(1)(c) तथा SEBI ICDR के अध्याय V के अनुरूप है।

बैठक और पहले डाले गए वोटों की स्थिति

EGM 19 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे (IST) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों से होगी। नोटिस को इस संशोधन के साथ पढ़ा जाएगा। प्रस्तावों का मूल पाठ और विशेष रूप से संशोधित या स्पष्ट किए गए अंशों के अलावा अन्य सामग्री अपरिवर्तित है।

संशोधन उन सभी सदस्यों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जा रहा है जिन्हें नोटिस भेजा गया था। मूल्यांकन रिपोर्ट कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध है और सदस्य नोटिस में बताई व्यवस्था के अनुसार उसका निरीक्षण कर सकते हैं। पहले डाले गए रिमोट ई-वोट वैध रहेंगे; ऐसे सदस्यों को दोबारा मतदान करने की जरूरत नहीं है।