ITI Ltd में ऑडिटर नियुक्ति: FY 2026-27 के लिए C&AG ने छह फर्मों को चुना
ITI Ltd ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक वैधानिक और पांच शाखा ऑडिटर की नियुक्ति की जानकारी दी। BSE फाइलिंग में संबंधित इकाइयों और ऑडिट जिम्मेदारियों का ब्योरा

ITI Ltd में ऑडिटर नियुक्ति के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए छह फर्मों को जिम्मेदारी मिली है। कंपनी ने 19 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि Comptroller and Auditor General of India (C&AG) ने एक वैधानिक ऑडिटर और पांच शाखा ऑडिटर नियुक्त किए हैं। इनमें S VISWANATHAN LLP को वैधानिक ऑडिटर बनाया गया है।
कंपनी के मुताबिक, नियुक्तियों से संबंधित C&AG का पत्र 8 सितंबर 2026 का है। संबंधित ऑडिटरों से नियुक्ति स्वीकार करने की सूचना कंपनी को पिछले सप्ताह के अंत में मिली। ITI Ltd ने यह जानकारी SEBI के सूचीबद्धता नियमों के Regulation 30 और Schedule III के तहत BSE तथा NSE को दी है।
फाइलिंग में सभी छह फर्मों के सामने नियुक्ति दर्ज है। संलग्न पत्र में उनकी जिम्मेदारी वाली इकाइयों और ऑडिट के दायरे का अलग-अलग विवरण दिया गया है।
किस फर्म को मिली किस इकाई की जिम्मेदारी
वैधानिक ऑडिटर S VISWANATHAN LLP का दायरा बेंगलुरु प्लांट, कॉरपोरेट कार्यालय, NS प्लांट, EC प्लांट, सभी आठ क्षेत्रीय कार्यालयों और खातों के समेकन तक है। शाखा ऑडिट के लिए पांच अन्य फर्मों को निम्न इकाइयां सौंपी गई हैं:
- CHANDNANI SINGH & ASSOCIATES: रायबरेली इकाई।
- VINAY KUMAR & CO: नैनी इकाई।
- P N G & CO: मनकापुर इकाई।
- MAHADEVAN & SIVARAJAN: पालक्काड इकाई।
- U S A & COMPANY: श्रीनगर इकाई।
C&AG ने ये नियुक्तियां Companies Act, 2013 की धारा 139 के तहत की हैं। पत्र के अनुसार, होल्डिंग कंपनी के वैधानिक या संयुक्त वैधानिक ऑडिटर समेकित वित्तीय विवरणों का भी ऑडिट करेंगे। इसके लिए धारा 139 के साथ धारा 129(4) का उल्लेख किया गया है।
पूरक ऑडिट और पारिश्रमिक की शर्तें
कंपनी का पूरक/परीक्षण ऑडिट धारा 143(6) और 143(7) के तहत Principal Director of Audit (Finance & Communication), दिल्ली को सौंपा गया है। ऑडिटरों का पारिश्रमिक और अन्य भत्ते धारा 142 तथा पत्र में उल्लिखित सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार तय किए जाने हैं।
C&AG ने वित्त वर्ष 2026-27 की ऑडिट फीस में किसी संशोधन, जिसमें समेकन की फीस भी शामिल है, की जानकारी मांगी है। इसके साथ 2025-26 में वैधानिक ऑडिट के अलावा अन्य सेवाओं के लिए दिए गए पारिश्रमिक और यात्रा व दैनिक भत्तों का ब्योरा भी मांगा गया है। यह जानकारी 2025-26 के खाते अंतिम रूप लेने के बाद देनी है, ताकि नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति की समीक्षा की जा सके।
