RBL Bank पोस्टल बैलट के जरिए अपने तीन पारिश्रमिक प्रस्तावों पर शेयरधारकों की मंजूरी मांग रहा है। बैंक ने 27 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल सूचना में बताया कि इनमें प्रबंध निदेशक एवं CEO R. Subramaniakumar के लिए वित्त वर्ष 2025-26 का 6.38 करोड़ रुपये वैरिएबल पे शामिल है। 26 अक्टूबर को जारी नोटिस के तीनों प्रस्ताव साधारण प्रस्ताव हैं और मतदान केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होगा।

CEO के प्रस्तावित वैरिएबल पे में नकद भुगतान और शेयर से जुड़े साधन शामिल हैं। बैंक ने उनके अनुलाभों सहित फिक्स्ड पे को 3.79 करोड़ रुपये करने की भी मंजूरी मांगी है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। नोटिस के अनुसार, नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की सिफारिशों पर बोर्ड की मंजूरी और RBI के 16 अक्टूबर 2026 के अनुमोदन के बाद प्रस्ताव शेयरधारकों के सामने रखे गए हैं।

Jaideep Iyer और Rajeev Ahuja के भुगतान पर भी मतदान

  • कार्यकारी निदेशक Jaideep Iyer के लिए वित्त वर्ष 2025-26 का आनुपातिक वैरिएबल पे 29 लाख रुपये प्रस्तावित है। इसमें नकद और शेयर से जुड़े साधन शामिल हैं। यह 21 फरवरी 2026 को पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त होने से 31 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए है। उनके अनुलाभों सहित फिक्स्ड पे को 1 अप्रैल 2026 से 3.01 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव भी है।
  • सेवानिवृत्त कार्यकारी निदेशक Rajeev Ahuja के लिए 2.69 करोड़ रुपये का आनुपातिक नकद वैरिएबल पे प्रस्तावित है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में 1 अप्रैल 2025 से 20 फरवरी 2026 तक कार्यकारी निदेशक के रूप में उनके कार्यकाल से संबंधित है।

Subramaniakumar और Iyer से जुड़े प्रस्तावों में लाभ न होने या अपर्याप्त रहने की स्थिति में समिति, बोर्ड और RBI से स्वीकृत पारिश्रमिक को न्यूनतम देय पारिश्रमिक मानने का प्रावधान है। उनकी नियुक्ति की अन्य शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।

ई-वोटिंग की समयसीमा और पात्रता

CDSL के माध्यम से ई-वोटिंग 28 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से 26 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे तक चलेगी। दोनों समय भारतीय मानक समय के अनुसार हैं। मतदान की पात्रता के लिए कट-ऑफ तारीख 23 अक्टूबर 2026 है। इसके बाद शेयरधारक बनने वाले सदस्य इस मतदान में भाग नहीं ले सकेंगे।

बैंक मतदान समाप्त होने के दो कार्यदिवस के भीतर नतीजे घोषित करेगा। स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट सहित परिणाम BSE और NSE को भेजे जाएंगे तथा बैंक और CDSL की वेबसाइटों पर प्रकाशित होंगे। आवश्यक बहुमत मिलने पर प्रस्ताव 26 नवंबर 2026 को पारित माने जाएंगे।