J&K Bank Q2 नतीजे: Jammu & Kashmir Bank ने 27 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल कॉन्फ्रेंस कॉल ट्रांसक्रिप्ट में बताया कि सितंबर तिमाही का शुद्ध लाभ 546 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से करीब 29% अधिक है, जबकि सालाना वृद्धि भी दोहरे अंक में रही। 22 अक्टूबर को हुई कॉल में प्रबंधन ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा की।

बैंक का कुल कारोबार 30 सितंबर तक सालाना 19.4% बढ़कर 3.10 लाख करोड़ रुपये हो गया। जमा में 16.3% और अग्रिम में 23.7% वृद्धि हुई। तिमाही परिचालन लाभ 789 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना 27% और पिछली तिमाही से 12% अधिक है। पहली छमाही का परिचालन लाभ 1,492 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सालाना 15% से अधिक वृद्धि हुई।

परिचालन आय सालाना 14.5% बढ़ी, जबकि परिचालन खर्च में वृद्धि 6.5% रही। इससे तिमाही का लागत-आय अनुपात 56.57% पर आ गया।

RAM कर्ज से वृद्धि, CASA में लौटी आवक

तिमाही के दौरान कर्ज में पूरी शुद्ध बढ़ोतरी खुदरा, कृषि और MSME यानी RAM पोर्टफोलियो से आई। पहली छमाही की शुद्ध ऋण वृद्धि में इस पोर्टफोलियो का योगदान 60% से अधिक रहा। कृषि ऋण पिछली तिमाही से 7.62% और खुदरा ऋण 3.90% बढ़े। वाहन ऋण में सालाना वृद्धि 25% से अधिक रही।

पहली तिमाही में निकासी के बाद दूसरी तिमाही में चालू और बचत खातों में सकारात्मक आवक हुई। CASA अनुपात 41.97% रहा। हालांकि जमा की लागत बढ़कर 4.85% हो गई और पहली छमाही का शुद्ध ब्याज मार्जिन यानी NIM 3.22% रहा। प्रबंधन ने बेहतर ऋण प्रतिफल और जमा लागत में नरमी से आगे मार्जिन सुधरने की उम्मीद जताई, लेकिन संख्यात्मक NIM लक्ष्य नहीं दिया।

परिसंपत्ति गुणवत्ता और पूंजी जुटाने की योजना

सितंबर अंत में सकल NPA 2.23% और शुद्ध NPA 0.51% रहे। प्रावधान कवरेज अनुपात जून के 90.53% से बढ़कर 91.76% हो गया। पहली छमाही में नए फंसे कर्ज 234 करोड़ रुपये रहे, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह राशि 550 करोड़ रुपये थी।

  • FY27 के लिए कर्ज वृद्धि का संशोधित लक्ष्य 14% से अधिक और जमा वृद्धि का लक्ष्य 12% से अधिक रखा गया।
  • CASA अनुपात 42% से ऊपर और सकल NPA 2% से नीचे रखने का लक्ष्य है।
  • पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.57% और CET1 अनुपात 13.88% रहा।

बैंक 1,000 करोड़ रुपये इक्विटी और 500 करोड़ रुपये ऋण पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में है। प्रबंधन के मुताबिक पूंजी उपयुक्त समय पर जुटाई जाएगी। अपेक्षित ऋण हानि यानी ECL व्यवस्था के प्रभाव पर बैंक ने अभी अनुमान नहीं दिया, क्योंकि उसका मॉडल अंतिम चरण में है।