Central Bank of India RTGS आउटवर्ड सिस्टम में 15 से 17 अक्टूबर 2026 के दौरान तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। बैंक ने 19 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल सूचना में इसकी जानकारी दी। बैंक के अनुसार, घटना का पता चलते ही जांच और प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, जिनमें प्रभावित सिस्टम बंद करना और उन्हें अलग करना शामिल था।

बैंक ने स्पष्ट किया कि इस घटना के कारण किसी ग्राहक को वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है। यह पुष्टि उस अवधि में सामने आई तकनीकी गड़बड़ी के संदर्भ में दी गई है। एक्सचेंज को भेजी गई सूचना में बैंक ने घटना की अवधि, तत्काल उठाए गए कदम और जांच की स्थिति बताई है।

प्रभावित सिस्टम अलग किए, विशेषज्ञों के साथ जांच जारी

बैंक के मुताबिक, गड़बड़ी की जानकारी मिलने के तुरंत बाद प्रभावित सिस्टम को बंद करके अलग किया गया। साथ ही, घटना की जांच में सहायता के लिए विशेषज्ञों के साथ काम किया जा रहा है। बैंक ने बताया कि गड़बड़ी की मूल वजह का विश्लेषण जारी है और आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं।

फाइलिंग में कार्रवाई के तीन पहलू सामने आए हैं:

  • घटना का पता चलने पर जांच और प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक कदम उठाना।
  • प्रभावित सिस्टम को बंद करना और अलग करना।
  • विशेषज्ञों की सहायता से कारण की पड़ताल और सुधारात्मक उपाय करना।

सूचना में तकनीकी गड़बड़ी का उल्लेख विशेष रूप से RTGS आउटवर्ड सिस्टम के संबंध में किया गया है। बैंक ने इसके कारण का अंतिम निष्कर्ष साझा नहीं किया है। सिस्टम पूरी तरह बहाल होने का समय भी इस फाइलिंग में नहीं बताया गया है।

BSE और NSE को दी गई सूचना

Central Bank of India ने यह जानकारी SEBI के LODR Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत BSE और NSE को भेजी। पत्र पर कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Chandrakant Bhagwat के हस्ताक्षर हैं।

फाइलिंग में NSE पर बैंक का शेयर प्रतीक CENTRALBK और BSE पर स्क्रिप कोड 532885 दर्ज है। सूचना मुंबई स्थित केंद्रीय कार्यालय से जारी की गई। इसमें प्रभावित लेनदेन की संख्या या उनकी राशि का विवरण नहीं दिया गया है।