ICICI Bank के नतीजे जारी हो गए हैं। बैंक ने 17 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के एकल तथा समेकित अनऑडिटेड वित्तीय परिणाम मंजूर किए। सितंबर तिमाही में बैंक का एकल शुद्ध लाभ ₹14,843.03 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹12,358.89 करोड़ था।

जून 2026 तिमाही के ₹14,804.50 करोड़ की तुलना में मुनाफा थोड़ा बढ़ा। कुल आय सितंबर तिमाही में ₹57,157.49 करोड़ रही, जो एक साल पहले ₹49,333.49 करोड़ थी। ब्याज से अर्जित आय ₹41,757.95 करोड़ से बढ़कर ₹49,110 करोड़ हुई, जबकि ब्याज खर्च ₹20,228.49 करोड़ से बढ़कर ₹23,771.31 करोड़ रहा।

प्रावधान और आकस्मिक मदों से पहले परिचालन लाभ ₹20,575.23 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹17,297.96 करोड़ था। कर के अलावा प्रावधान और आकस्मिक मदें घटकर ₹850.69 करोड़ रहीं, जो जून तिमाही में ₹1,260.45 करोड़ और पिछले साल की सितंबर तिमाही में ₹914.11 करोड़ थीं।

संपत्ति गुणवत्ता सुधरी, जमा और अग्रिम बढ़े

बैंक के सकल अग्रिमों के मुकाबले सकल NPA अनुपात 1.23% रहा। जून 2026 में यह 1.42% और सितंबर 2025 में 1.64% था। शुद्ध अग्रिमों के मुकाबले शुद्ध NPA अनुपात भी घटकर 0.31% रहा, जबकि इन तुलनात्मक अवधियों में यह क्रमशः 0.36% और 0.41% था।

  • 30 सितंबर, 2026 को जमा ₹20,49,874.18 करोड़ रही, जबकि एक साल पहले ₹16,12,824.94 करोड़ थी।
  • अग्रिम ₹18,31,579.85 करोड़ रहे, जो सितंबर 2025 में ₹14,08,456.43 करोड़ थे।
  • Basel III पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.68% रहा, जबकि जून में 16.84% और एक साल पहले 15.76% था।

अप्रैल-सितंबर छमाही का एकल शुद्ध लाभ ₹29,647.53 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में ₹25,127.10 करोड़ था। हालांकि, सितंबर तिमाही में वार्षिकीकृत परिसंपत्ति प्रतिफल घटकर 2.26% रहा, जो एक साल पहले 2.36% था।

चेयरपर्सन की निरंतरता के लिए RBI को आवेदन

बोर्ड ने Pradeep Kumar Sinha को गैर-कार्यकारी अंशकालिक चेयरपर्सन के रूप में 1 जुलाई, 2027 से 16 फरवरी, 2029 तक जारी रखने की अनुमति मांगने के लिए RBI में आवेदन दाखिल करने को मंजूरी दी। यह अवधि स्वतंत्र निदेशक के तौर पर उनके उस कार्यकाल के भीतर है, जिसे बोर्ड और शेयरधारक मंजूर कर चुके हैं। RBI की मंजूरी अभी मांगी जानी है।

बैंक ने ₹13,100 करोड़ का आकस्मिक प्रावधान बरकरार रखा। कृषि प्राथमिकता क्षेत्र ऋण वर्गीकरण की नियामकीय शर्तें पूरी नहीं करने वाले पोर्टफोलियो पर RBI के निर्देश से किया गया ₹1,283 करोड़ का अतिरिक्त मानक परिसंपत्ति प्रावधान भी समीक्षा पूरी होने तक जारी है।