HDFC Bank की जमा 18.8% बढ़कर ₹33,275 अरब, सकल ऋण में 16.3% वृद्धि
HDFC Bank की सितंबर 2026 तिमाही में जमा 18.8% और सकल ऋण 16.3% बढ़े। BSE को दी जानकारी में बैंक ने CASA, सावधि जमा और विदेशी मुद्रा जुटाने के आंकड़े भी दिए।

HDFC Bank की जमा 30 सितंबर 2026 को सालाना आधार पर 18.8% बढ़कर लगभग ₹33,275 अरब रही। बैंक ने 4 अक्टूबर 2026 को BSE को दी जानकारी में बताया कि इसी तारीख को उसके सकल ऋण लगभग ₹32,195 अरब रहे, जो एक साल पहले के ₹27,692 अरब से 16.3% अधिक हैं। सितंबर 2025 के अंत में कुल जमा ₹28,018 अरब थी।
तिमाही के अंत में प्रबंधनाधीन अग्रिम लगभग ₹33,075 अरब रहे, जिनमें सालाना 15.3% वृद्धि हुई। सितंबर 2026 तिमाही के दौरान औसत प्रबंधनाधीन अग्रिम ₹31,872 अरब रहे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा ₹27,946 अरब था। इस आधार पर वृद्धि 14.0% रही।
प्रबंधनाधीन अग्रिमों में इंटर-बैंक पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट, पुनर्भुनाए गए बिल और प्रतिभूतिकरण अथवा असाइनमेंट के तहत हस्तांतरित ऋणों को भी शामिल किया गया है। इसलिए यह आंकड़ा सकल ऋण से अलग है।
सावधि जमा की वृद्धि CASA से तेज
बैंक की तिमाही अंत की सावधि जमा में सालाना 22.8% वृद्धि हुई, जबकि चालू और बचत खातों की जमा यानी CASA में 10.8% वृद्धि दर्ज हुई। जमा के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार रहे:
- सावधि जमा 30 सितंबर 2026 को लगभग ₹22,755 अरब रही, जबकि एक साल पहले यह ₹18,526 अरब थी।
- तिमाही अंत की CASA जमा लगभग ₹10,520 अरब रही, जो सितंबर 2025 में ₹9,492 अरब थी।
- तिमाही की औसत CASA जमा 10.7% बढ़कर ₹9,712 अरब और औसत सावधि जमा 19.7% बढ़कर ₹21,952 अरब रही।
कुल औसत जमा में सालाना 16.8% वृद्धि हुई। पिछली तिमाही के अंत, यानी 30 जून 2026 को कुल जमा ₹31,708 अरब और सकल ऋण ₹30,608 अरब थे।
विदेशी मुद्रा जमा से 11.5 अरब डॉलर जुटाए
RBI की FCNR(B) जमा स्वैप सुविधा के तहत बैंक ने 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर विदेशी मुद्रा जमा जुटाई, जिसका रुपये में मूल्य ₹1,103.4 अरब था। यह सुविधा 8 जून 2026 को शुरू हुई थी और 31 अगस्त 2026 तक जुटाई गई जमा के लिए उपलब्ध थी।
इन जमाओं के विरुद्ध बैंक की विदेशी शाखाओं ने 5.7 अरब डॉलर की ऋण सुविधाएं दीं। अन्य बैंकों को ऐसे ऋणों के संबंध में जारी स्टैंडबाय लेटर्स ऑफ क्रेडिट 3.1 अरब डॉलर रहे। इसके अतिरिक्त, बैंक ने जून–अगस्त 2026 में कुल 2.5 अरब डॉलर के वरिष्ठ असुरक्षित डॉलर बॉन्ड जारी किए।
विदेशी मुद्रा राशियों का रुपये में रूपांतरण 30 सितंबर 2026 की विनिमय दर पर किया गया है। बैंक ने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक के परिणामों की वैधानिक लेखापरीक्षकों द्वारा सीमित समीक्षा की जाएगी।
