Bondada Engineering की इकाई को 225 MW सोलर प्रोजेक्ट के लिए ₹911.25 करोड़ की SBI मंजूरी
Bondada Engineering की सहायक कंपनी Onix IPP को SBI से ₹911.25 करोड़ की वित्तीय सुविधा मंजूर हुई है। 225 MW सोलर परियोजना के लिए MSEDCL के साथ 25 साल का PPA है।

Bondada Engineering ने 5 अक्टूबर 2026 को BSE में दी गई फाइलिंग में बताया कि उसकी सहायक कंपनी Onix IPP Private Limited को State Bank of India (SBI) से ₹911.25 करोड़ की वित्तीय सुविधा की मंजूरी मिली है। यह राशि Onix IPP की ओर से विकसित की जा रही 225 MW की सोलर Independent Power Producer (IPP) परियोजना के वित्तपोषण के लिए है।
मंजूर सुविधा में टर्म लोन और गैर-निधि आधारित सुविधाएं शामिल हैं। इस परियोजना की डेवलपर Onix IPP है, जबकि SBI ऋणदाता बैंक है। कंपनी ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग नियमों के तहत शेयर बाजार को दी है। BSE पर Bondada Engineering का सिक्रिप कोड 543971 और सिंबल BONDADA है।
₹900 करोड़ का टर्म लोन, 25 साल का बिजली खरीद समझौता
फाइलिंग के अनुसार, SBI की ओर से मंजूर कुल वित्तीय सुविधा का विवरण इस प्रकार है:
- ₹900 करोड़ की टर्म लोन सुविधाएं।
- ₹11.25 करोड़ की गैर-निधि आधारित सुविधाएं।
- वित्तपोषण का उद्देश्य: 225 MW सोलर IPP परियोजना का विकास।
परियोजना के लिए Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited (MSEDCL) के साथ 25 साल का Power Purchase Agreement (PPA) है। कंपनी के मुताबिक, यह समझौता परियोजना की अवधि के दौरान लंबी अवधि की आय का आधार और नकदी प्रवाह की पूर्वानुमेयता प्रदान करता है।
इस तरह परियोजना से जुड़ी फाइलिंग में बैंक वित्तपोषण की मंजूरी और बिजली खरीद समझौते, दोनों की जानकारी दी गई है। घोषित ₹911.25 करोड़ पूरी तरह टर्म लोन नहीं है; इसमें गैर-निधि आधारित सुविधा भी शामिल है।
IPP कारोबार में विस्तार की योजना
Bondada Engineering ने कहा कि SBI की यह मंजूरी नवीकरणीय ऊर्जा के IPP कारोबार में उसकी मौजूदगी बढ़ाने की योजना का हिस्सा है। कंपनी लंबी अवधि में नियमित आय देने वाली नवीकरणीय ऊर्जा परिसंपत्तियों का पोर्टफोलियो बनाना चाहती है।
कंपनी के अनुसार, इस परियोजना से उसके नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो और लंबी अवधि की आय की दृश्यता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उसने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार के विस्तार में उसका ध्यान EPC, संचालन एवं रखरखाव (O&M), बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) और IPP अवसरों पर बना हुआ है।
