Central Bank of India की रेटिंग वापस लेने की जानकारी बैंक ने 8 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में दी। India Ratings and Research (Ind-Ra) ने बैंक के अनुरोध पर उसकी दीर्घकालिक इश्यूअर रेटिंग और ₹1,000 करोड़ के प्रस्तावित Basel III Tier II बॉन्ड की रेटिंग वापस ली है। दोनों कार्रवाइयां 8 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी हैं।

बैंक ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित बॉन्ड के लिए दर्ज ₹1,000 करोड़ की राशि इस्तेमाल नहीं हुई है। फाइलिंग के साथ संलग्न रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ने पुष्टि की है कि जिस स्वरूप में इस बॉन्ड निर्गम की पहले परिकल्पना की गई थी, उसमें अब इसके जारी होने की अपेक्षा नहीं है। यह राशि प्रस्तावित निर्गम का आकार है, जुटाई गई पूंजी का आंकड़ा नहीं।

दोनों रेटिंग वापस लेने के अलग आधार

Ind-Ra ने अपनी रिपोर्ट में दोनों रेटिंग के लिए कारण बताए हैं:

  • दीर्घकालिक इश्यूअर रेटिंग: बैंक से वापसी का अनुरोध मिलने के बाद एजेंसी को यह रेटिंग बनाए रखने की आवश्यकता नहीं रही।
  • ₹1,000 करोड़ के प्रस्तावित Basel III Tier II बॉन्ड: बैंक के अनुरोध और प्रस्तावित साधन के पहले तय स्वरूप में जारी होने की अपेक्षा नहीं रहने की पुष्टि के आधार पर रेटिंग वापस ली गई।

एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई उसकी रेटिंग वापसी नीति के अनुरूप है। रिपोर्ट में दोनों के सामने WD दर्ज है, जिसका अर्थ रेटिंग वापस लिया जाना है। कार्रवाई को रेटिंग में कटौती के रूप में दर्ज नहीं किया गया है।

रेटिंग इतिहास के अनुसार, 22 दिसंबर, 2025 को इश्यूअर रेटिंग और प्रस्तावित Tier II बॉन्ड, दोनों की रेटिंग IND AA/Stable थी। मौजूदा रिपोर्ट में इनके लिए विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण को लागू नहीं बताया गया है।

एक्सचेंज सूचना और बैंक का नेटवर्क

बैंक ने SEBI के सूचीबद्धता संबंधी नियमों के Regulation 30 के तहत BSE और NSE को सूचना दी। BSE पर उसका स्क्रिप कोड 532885 और NSE पर प्रतीक CENTRALBK है। फाइलिंग पर कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Chandrakant Bhagwat के हस्ताक्षर हैं।

संलग्न एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बैंक की भारत में 4,605 शाखाएं और 3,820 ATM थे। उसकी करीब 65% शाखाएं ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में स्थित थीं।