एनएसडीएफ ने एनटीपीसी और आरईसी के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

Thu , 15 Sep 2022, 4:48 pm
एनएसडीएफ ने एनटीपीसी और आरईसी के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
NSDF signs historic MoU with NTPC and REC

New Delhi- केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर और केंद्रीय विद्युत व नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर. के. सिंह की मौजूदगी में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के खेल विभाग के राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) ने भारत में खेलों के विकास के लिए आज नई दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के दो उपक्रमों (पीएसयू), एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन) फाउंडेशन और आरईसी (ग्रामीण विद्युतीकरण निगम) फाउंडेशन के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
 
अगले 5 सालों में एनटीपीसी द्वारा 115 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और इससे भारत में तीरंदाजी को समर्थन दिया जाएगा। आरईसी फाउंडेशन ने महिला हॉकी, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग को समर्थन देने के लिए 3 सालों में 100 करोड़ रुपये की राशि देने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। एनएसडीएफ को ये समर्थन कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से मिला है।
 
आरईसी के सीएमडी विवेक कुमार देवांगन और एनटीपीसी के सीएमडी गुरदीप सिंह, साई के महानिदेशक संदीप प्रधान और तीरंदाजी, मुक्केबाजी, हॉकी, एथलेटिक्स जैसे खेलों के एथलीट और कोच भी इस अवसर पर उपस्थित थे जिनमें अभिषेक वर्मा (कंपाउंड तीरंदाजी), सविता पूनिया (महिला हॉकी), अमित पंघाल (पुरुष मुक्केबाजी) और अविनाश साबले (पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़) शामिल थे।
 
इस अवसर पर श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि विद्युत मंत्रालय के दो सार्वजनिक उपक्रमों ने खेलों के विकास के लिए कुल 215 करोड़ रुपये का योगदान दिया है, जिससे ये एक ऐतिहासिक अवसर बन गया है। उन्होंने कहा कि विद्युत मंत्रालय के इस योगदान से खेल क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। श्री ठाकुर ने कहा, "कॉर्पोरेट्स से लेकर व्यक्तियों तक और विभिन्न संस्थानों से लेकर राज्यों तक सभी को एक टीम के रूप में मिलकर साथ काम करना चाहिए। यह समझौता ज्ञापन हमारे एथलीटों के लिए एक बड़ा प्रेरणास्त्रोत होगा।"
 
श्री ठाकुर ने कहा, "इससे पहले मैंने एक एथलीट, एक खेल और एक अकादमी को गोद लेने के लिए एनएसडीएफ में ऑनलाइन दान देने का आग्रह किया था। अब, एनटीपीसी और आरईसी दोनों ने खेलों और एथलीटों को गोद लिया है। ये सब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता के कारण हुआ है।
 
 वैसे तो कई पीएसयू हैं लेकिन जो भी आगे आते हैं वे भारत की सॉफ्ट पावर के निर्माण में मदद करते हैं, एथलीटों को नशे से दूर रखने में मदद करते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।"एनटीपीसी और आरईसी फाउंडेशन के इस समर्थन में ये चीजें शुमार होंगी: खेलों का जमीनी स्तर पर विकास, पहचानी गई प्रतिभाओं के लिए प्रशिक्षण, विशिष्ट प्रतिभाओं का प्रशिक्षण, कोच का विकास, खेल विज्ञान सहायता, अग्रिम प्रशिक्षण वगैरह।
 
हस्ताक्षर किए गए एमओयू के बारे में विस्तार से बताते हुए श्री आर. के. सिंह ने कहा, "विद्युत मंत्रालय की ओर से एनटीपीसी और आरईसी के माध्यम से भारत में खेलों के और विकास के लिए कुछ करते हुए हमें बेहद खुशी है। आज हमने कुछ ही खेलों को अपनाया है लेकिन आगे जाते हुए हम और अधिक खेलों को अपनाना चाहते हैं। ज्यादा सुविधाओं और कोचों के विकास में योगदान जारी रखना चाहते हैं। हम वादा करते हैं कि हमारा मंत्रालय देश में खेलों के विकास में हर संभव प्रयास करने में जुड़ा रहेगा। देश में खेल संस्कृति का निर्माण करना राष्ट्र निर्माण का ही हिस्सा है।"
 

 

राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) की स्थापना 1998 में धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम 1890 के तहत की गई थी और इसे नवंबर 1998 में भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था।
 
इस कोष का उद्देश्य भारत में खेलों की सहायता के लिए गति और लचीलापन प्रदान करना है। ये खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय ख्याति के कोचों से प्रशिक्षण के विभिन्न अवसर प्रदान करके, खेल को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करता है।

पीएसयू समाचार
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