हिंदु धर्म से संबधित कई ऐसे साक्ष्य है जिन्हे सैकड़ो साल पहले या तो दबा दिया गया था या किसी प्राकृतिक आपदा के चलते वे जमींदोज हो गए। परंतु आगरा में हाल ही में श्रीकृष्ण की मुर्तियों के दबाने को लेकर मामला अदालत पहुंचा है।

इस दावे की सुनवाई के दौरान गुरुवार को रोमांचक ऐतिहासिक तथ्य अदालत में पेश किए। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह ने अदालत को बताया कि वर्ष 1669 में ओरछा नरेश वीर सिंह बुंदेला द्वारा बनवाए मंदिर का विध्वंस कर ठाकुर केशवदेव जी के श्री विग्रह को उठवाकर आगरा के लाल किले की दीवान-ए खास की छोटी मस्जिद की सीढिय़ों के नीचे दबा दिया।

जिसमें उसके द्वारा दावे के प्रतिवादीगण मस्जिद के पदाधिकारीगण पर साक्ष्य मिटाने संबंधी आरोप भी लगाए जा रहे हैं। गुरुवार को दावे के मुख्य वादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया।

(Anjul Tyagi)