कोविड-19 के खतरे को देखते हुए राजस्थान ने सभी धार्मिक समारोहों पर लगाई रोक।
<p> <span [removed]="" 14.4px;"="">शनिवार 17 जुलाई को कोरोना के खतरे को देखते हुए राजस्थान सरकार ने सभी धार्मिक कार्यक्रमों और सभाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।</p>

नई दिल्ली। शनिवार 17 जुलाई को कोरोना के खतरे को देखते हुए राजस्थान सरकार ने सभी धार्मिक कार्यक्रमों और सभाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।
यह फैसला कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लिया गया है। आगामी त्योंहारों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने कांवड़ और ईद-उल-जुहा जैसे सभी धार्मिक समारोहों में लोगों के इक्टठा होने पर प्रतिबंध लगाया है
राज्य सरकार ने एक नया आदेश जारी करते हुए कांवड़ यात्रा को भी रद्द कर दिया और ईद-उल-जुहा के मौके पर नमाज और सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध लगा दिया।
इसी के साथ मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में हर साल आयोजित होने वाला वार्षिक मुदिया पूनो मेला भी इस साल आयोजित नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार चातुर्मास उत्सव के लिए भी लोगों को इक्टठा होने की अनुमति नही दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने भी सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि वे COVID-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए घर पर ही पूजा करें और पूजा करें।
