सोमवार को गुजरात के नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस के अनुसंधान और विश्लेषण के लिए उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन  करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि  भारत नार्को-टेरर के खतरे का सामना कर रहा है।
 
 
 उन्होंने यह भी  कहा, कि सरकार ने फैसला किया है कि केंद्र द्वारा यह फैसला लिया गया है कि हम  नशीले पदार्थों को अपने देश में प्रवेश नहीं करने देंगे और भारत को अपना रास्ता नहीं बनने देंगे। इसे रोकना बेहद ही  महत्वपूर्ण है।"
 
 
 
 
 
अमित शाह ने सोमवार को गांधीनगर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय में नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉफिक पदार्थों के अनुसंधान और विश्लेषण के लिए उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया था जहां पर उन्होंने नार्को-टेरर को देश के लिए बड़ा खतरा बताया और इसे रोकने का केंद्र का फैसला सुनाया।
 
 
 
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार बनी, तो यह निर्णय लिया गया कि इस केंद्र को गुजरात के फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय से जोड़ा जाना चाहिए। मुझे विश्वास है कि यह विश्वविद्यालय अन्य राज्यों में भी विस्तारित होगा। और युवाओं को फोरेंसिक विज्ञान में योगदान करने का अवसर मिलेगा। भारत साइबर रक्षा और बेरिएट्रिक अनुसंधान में आत्मनिर्भर हो रहे हैं।
 
यह तीसरी डिग्री का युग नहीं है। हमें आपराधिक न्याय प्रणाली को व्यवस्थित करना होगा। इसके लिए फोरेंसिक विज्ञान एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। हमारी जांच वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित होनी चाहिए।" -अमित शाह।
 
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तेज और कुशल जांच के लिए वैज्ञानिक उपकरणों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।