लखनऊ: प्लाजा की चौथी मंजिल पर बनी 10 दुकानें गिराई लखन. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार माफिया के खिलाफ शिकंजा कसती जा रही है। शनिवार सुबह मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी शाहिद के राजधानी लखनऊ स्थित अवैध निर्माण को जमींदोज कर दियाी गया। 
 
लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम ने हजरतगंज में साहू सिनेमा के बगल में रानी सल्तनत प्लाजा की चौथी मंजिल को गिराया। प्लाजा की चौथी मंजिल पर बनी सभी 10 अवैध दुकानों को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। 
 
लखनऊ विकास प्राधिकरण के अनुसार, गिराई गई इमारत मानचित्र के विपरीत बनाई गई थी। इस संबंध में नोटिस भी जारी की जा चुकी है लेकिन काम्प्लेक्स के स्वामी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, लिहाजा विध्वंस की कार्रवाई की गई।
 
जिलाधिकारी लखनऊ व लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक प्रकाश ने पहले ही कह दिया है कि राजधानी में भूमाफियाओं द्वारा बनाई गई अवैध इमारतों को चरणबद्घ ढंग से तोड़ा जाएगा।
 
बता दें कि मुख्तार अंसारी पंजाब की एक जेल में बंद है। उसे पंजाब से यूपी की जेल में ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई की जा रही है। प्रदेश सरकार ने पंजाब की सरकार पर मुख्तार अंसारी को बचाने का आरोप लगाया है। जिस पर जवाब देते हुए पंजाब सरकार ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा, उत्तर प्रदेश सरकार जिस तरह से विधायक मुख्तार अंसारी को लेकर उस पर आरोप लगा रही है, वह दुखद है। हमारे लिए अंसारी भी किसी अन्य अपराधी के तरह ही है।
 
जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी के समक्ष पंजाब की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने यूपी सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत दायर रिट याचिका का विरोध करते हुए कहा, राज्य सरकार का मौलिक अधिकार नहीं होता है, ऐसे में यूपी सरकार की याचिका विचार योग्य नहीं है।
 
उन्होंने कहा, अंसारी को दूसरे जेल में न भेज पाने का उसके पास वैध कारण है। अंसारी का मेडिकल रिपोर्ट पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने तैयार की है और यह अस्पताल केंद्र सरकार के अधीन है। दवे ने कहा, एक राज्य को दूसरे राज्य का सम्मान करना चाहिए न कि बेबुनियाद आरोप लगाने चाहिए। 
(Anjul Tyagi)