कांवड़ के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों से कहा-लोगों को टैंकरो से प्राप्त करवाये गंगाजल।
<p> <span [removed]="" 14.4px;"="">कोविड की वजह से केंद्र ने राज्यों को सलाह दी कि कोविड -19 महामारी के मद्देनजर हरिद्वार से गंगा नदी से पानी लाने के लिए कांवड़ियों की आवाजाही की अनुमति नहीं देनी चाहिए। </p>

16 जुलाई शुक्रवार को केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश दिया कि कांवड़ के अवसर पर कोविड-19 के खतरे को ध्यान में रखते हुए निर्धारित स्थानों पर टैंकरों के जरिए 'गंगा जल' उपलब्ध कराने के लिए एक प्रणाली विकसित करें जिससे सभी शिवभक्तों के बीच गंगा के पानी का वितरण हो सके और भक्तों द्वारा आस-पास के शिव मंदिरों में अनुष्ठान किया जा सके,हालांकि अनिवार्य रूप से सामाजिक दूरी के मानदंडों को सुनिश्चित किया जाए, मास्क पहनना और कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक सभी चरणों का पालन किया जाए।
कोविड की वजह से केंद्र ने राज्यों को सलाह दी कि कोविड -19 महामारी के मद्देनजर हरिद्वार से गंगा नदी से पानी लाने के लिए कांवड़ियों की आवाजाही की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार कहा कि केंद्र ने राज्य सरकारों को धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, सरकारों को निर्दिष्ट स्थानों पर टैंकरों के माध्यम से पवित्र जल उपलब्ध कराने के लिए एक प्रणाली विकसित करवाने के लिए कहा है।
उत्तराखंड जैसे कुछ राज्यों ने कोविड महामारी को देखते हुए कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया है।
कोविड -19 महामारी के बीच उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा की अनुमति देने के योगी आदित्यनाथ सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान में लिया था।
