भारत के टॉप रैंक आर्चर धीरज बोम्मादेवरा ने मैक्सिको के सॉल्टिलो में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत हासिल की। 25 वर्षीय आर्मी मैन और विश्व नंबर 10 धैरज ने जापान के नाकानिशी जुन्या को शूट-ऑफ में हराकर पुरुष रिकर्व वर्ग में भारत का पहला गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन के बाद फाइनल में धीरज और नाकानिशी (विश्व नंबर 20) के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। 5-5 की बराबरी के बाद शूट-ऑफ में धीरज ने 10-9 से जीत दर्ज की। यह जीत पांच सेटों के रोमांचक मुकाबले के बाद मिली।

इसके साथ ही धीरज ने भारतीय पुरुष रिकर्व आर्चरी के लिए 16 साल का इंतजार खत्म कर दिया। इससे पहले जयंत तालुकदार ने 2010 में एडिनबर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। धैरज की यह सफलता भारतीय आर्चरी के लिए बड़ी उपलब्धि है।

मुख्य बातें

  • पहला भारतीय पुरुष रिकर्व गोल्ड वर्ल्ड कप फाइनल में
  • शूट-ऑफ में 10-9 से जीत
  • 16 साल बाद पुरुष रिकर्व में मेडल

धीरज बोम्मादेवरा की यह जीत युवा आर्चर्स के लिए प्रेरणा है और भारत को अंतरराष्ट्रीय आर्चरी में नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली साबित हो सकती है।