NEW DELHI- सीएमडी एसईसीएल डॉ प्रेम सागर मिश्रा ने कम्पनी के सीआईसी(CIC) कोलफ़ील्ड्स के संचालन क्षेत्रों - भटगाँव , विश्रामपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, जमुना-कोतमा, हसदेव जोहिला  तथा सोहागपुर एरिया के उत्पादन, डिस्पैच,ओबीआर तथा सम्बंधित विषयों पर समीक्षा बैठक ली तथा आवश्यक निर्देश दिए।  
 
वर्चूअल माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्यालय से प्रमुख विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।  इस वित्तीय वर्ष में सीआईसी कोलफ़ील्ड्स के द्वारा लगभग 24 मिलियन टन का उत्पादन सहयोग प्रस्तावित है।
 
SECL भारत की सबसे ज्यादा कोयला उत्पादन करने वाली कंपनी है। SECL की कोयला खदानें दो राज्यों छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में फैली हुई हैं।
 
SECL 67 कोयला खदानों का संचालन करती है, जिनमें से 41 कोयला खदानें छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित हैं, जबकि शेष 26 कोयला खदानें मध्य प्रदेश राज्य में स्थित हैं। और इन 67 कोयला खदानों में से 46 खदानें भूमिगत खनन पद्धति से संचालित होती हैं जबकि शेष 21 खदानें खुली खदानें हैं।
 
इसके साथ ही, एसईसीएल दानकुनी कोयला परिसर के कोयला कार्बनीकरण संयंत्र के परिचालन पहलू के लिए प्रतिबद्ध है, हालांकि, दानकुनी, पश्चिम बंगाल में दानकुनी कोयला परिसर को सीआईएल द्वारा पट्टे के आधार पर दिया गया है।
 
प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण और संचालन के लिए, एसईसीएल में कोयला खदानों को तीन समूहों सेंट्रल इंडिया कोलफील्ड्स (सीआईसी), कोरबा कोलफील्ड्स और मंड रायगढ़ कोलफील्ड्स में विभाजित किया गया है।