UNO Minda NCD का अर्धवार्षिक विवरण कंपनी ने 6 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल किया। इसके अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक निजी नियोजन के जरिए जारी सात गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर श्रृंखलाओं में कुल ₹600 करोड़ बकाया था। प्रत्येक श्रृंखला में जारी राशि और बकाया राशि बराबर दिखाई गई है।

इनमें ₹100-₹100 करोड़ की तीन श्रृंखलाओं की परिपक्वता अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 में निर्धारित है। इस तरह दाखिल विवरण के आधार पर ₹300 करोड़ की मूलधन राशि 2026 में परिपक्व होनी है। शेष चार श्रृंखलाओं की परिपक्वता जनवरी से अगस्त 2027 के बीच है, जिनका कुल बकाया भी ₹300 करोड़ है।

यह विवरण 30 सितंबर को समाप्त छमाही के लिए दिया गया है और पहले से जारी ऋण प्रतिभूतियों की स्थिति बताता है। इसमें नई पूंजी जुटाने की घोषणा नहीं है। UNO Minda का BSE स्क्रिप कोड 532539 है।

किस श्रृंखला में कितना बकाया और कब परिपक्वता

सातों NCD श्रृंखलाओं की कूपन दरें 7.11% से 7.88% के बीच हैं। बकाया मूलधन, कूपन और परिपक्वता का क्रम इस प्रकार है:

  • ₹100 करोड़: 7.12% कूपन; 29 अक्टूबर 2026 को परिपक्वता।
  • ₹100 करोड़: 7.11% कूपन; 27 नवंबर 2026 को परिपक्वता।
  • ₹100 करोड़: 7.75% कूपन; 24 दिसंबर 2026 को परिपक्वता।
  • ₹50 करोड़: 7.75% कूपन; 4 जनवरी 2027 को परिपक्वता।
  • ₹50 करोड़: 7.85% कूपन; 26 फरवरी 2027 को परिपक्वता।
  • ₹100 करोड़: 7.85% कूपन; 29 अप्रैल 2027 को परिपक्वता।
  • ₹100 करोड़: 7.88% कूपन; 6 अगस्त 2027 को परिपक्वता।

इन प्रतिभूतियों का निर्गम अप्रैल 2024 से अगस्त 2025 के बीच हुआ था। सभी सात श्रृंखलाओं में मूलधन का भुगतान परिपक्वता पर निर्धारित है। ब्याज भुगतान का कार्यक्रम अलग-अलग है: कुछ में वार्षिक ब्याज और कुछ में पहला भुगतान तय तारीख पर तथा दूसरा परिपक्वता पर रखा गया है।

ब्याज भुगतान पर कंपनी का स्पष्टीकरण

₹50 करोड़ की 7.85% कूपन वाली श्रृंखला के लिए कंपनी ने बताया कि 26 फरवरी 2025 को बैंक अवकाश होने के कारण ब्याज अगले कारोबारी दिन, 27 फरवरी 2025 को चुकाया गया था। कंपनी के अनुसार, यह भुगतान Key Information Document की शर्तों के अनुरूप था।

विवरण में डिबेंचर ट्रस्टी के रूप में IDBI Trusteeship Services Limited और Axis Trustee Services Limited के नाम दर्ज हैं। कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Tarun Kumar Srivastava ने यह पत्र SEBI के गैर-परिवर्तनीय प्रतिभूति नियमों और संबंधित मास्टर सर्कुलर के तहत प्रस्तुत किया।