Thomas Scott अनुपालन प्रमाणपत्र: Thomas Scott (India) Ltd ने 3 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल पत्र में सितंबर तिमाही का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। कंपनी ने बताया कि उसे यह प्रमाणपत्र अपने रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट KFIN Technologies Limited से मिला है। यह दस्तावेज 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए SEBI के डिपॉजिटरीज एंड पार्टिसिपेंट्स विनियम, 2018 के विनियम 74(5) के तहत जमा किया गया है।

कंपनी का पत्र BSE के कॉरपोरेट सर्विसेज विभाग और National Stock Exchange of India Limited के लिस्टिंग विभाग को संबोधित है। इसमें प्रमाणपत्र की प्रति संलग्न करते हुए दोनों एक्सचेंजों को जानकारी अपने रिकॉर्ड में लेने के लिए कहा गया है। दाखिले में BSE स्क्रिप कोड 533941 और NSE सिंबल THOMASCOTT का उल्लेख किया गया है।

KFIN ने किन विवरणों की पुष्टि की

KFIN Technologies Limited ने प्रमाणित किया है कि संबंधित तिमाही के दौरान डीमैट और रीमैट की गई प्रतिभूतियों का विवरण उन सभी स्टॉक एक्सचेंजों को उपलब्ध कराया गया है, जहां कंपनी के शेयर सूचीबद्ध हैं। प्रमाणपत्र में इस जानकारी को विनियम 74(5) के तहत आवश्यक विवरण बताया गया है।

संलग्न दस्तावेजों में दो अलग प्रमाणपत्र शामिल हैं। दोनों 2 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए हैं और एक ही रिपोर्टिंग तिमाही से संबंधित हैं:

  • पहला प्रमाणपत्र National Securities Depository Limited यानी NSDL को संबोधित है।
  • दूसरा प्रमाणपत्र Central Depository Services (India) Limited यानी CDSL को संबोधित है।

दोनों में KFIN ने प्रतिभूतियों के डीमैट और रीमैट संबंधी विवरण एक्सचेंजों को भेजे जाने की समान पुष्टि की है। इन प्रमाणपत्रों की प्रतिलिपि Thomas Scott (India) Limited को भी भेजी गई है।

दाखिले पर हस्ताक्षर और उसका दायरा

एक्सचेंजों को भेजे गए कंपनी के पत्र पर कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी Rashi Bang के हस्ताक्षर हैं। पत्र में उनकी सदस्यता संख्या A25526 दर्ज है। KFIN की ओर से दोनों प्रमाणपत्रों पर असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट Sharmila Hemant Amin ने हस्ताक्षर किए हैं।

इस दाखिले का विषय सितंबर तिमाही के लिए प्रतिभूतियों से जुड़े विवरण भेजे जाने का अनुपालन प्रमाणन है। उपलब्ध प्रमाणपत्रों में डीमैट या रीमैट की गई प्रतिभूतियों की संख्या अथवा उनका मूल्य नहीं दिया गया है। दस्तावेज एक्सचेंजों को आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने की पुष्टि तक सीमित हैं।