Tata Chemicals को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मिथापुर, गुजरात से जुड़े भूमि मामले में राज्य सरकार और अन्य पक्षों को कंपनी के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई करने से रोक दिया है। कंपनी ने 6 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि अदालत ने यह आदेश 5 अक्टूबर, 2026 को दिया। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर उसका जवाब भी मांगा है।

यह मामला उस भूमि पर कंपनी के पहले से मौजूद अधिकारों से संबंधित है, जहां से पुराने खुले अपशिष्ट जल चैनल समुद्र तक जाते थे। कंपनी की सूचना के अनुसार, ये चैनल गुजरात के मिथापुर में स्थित थे। अदालत की ओर से कार्रवाई पर लगाई गई रोक इसी मामले के संबंध में है।

गुजरात हाई कोर्ट की कार्यवाही से जुड़ा मामला

ताजा जानकारी कंपनी के 26 मई, 2026 के पत्र की अगली कड़ी है। उस पत्र के जरिए Tata Chemicals ने इसी भूमि से संबंधित अपनी याचिका पर गुजरात हाई कोर्ट के आदेश के बारे में शेयर बाजारों को सूचित किया था। कंपनी ने भूमि पर अपने पूर्व-मौजूद अधिकारों के लिए रिट याचिका संख्या 26530 दाखिल की थी।

अब कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दो पहलुओं की जानकारी दी है: गुजरात सरकार और अन्य पक्षों को उसके खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई से रोकना तथा राज्य सरकार से जवाब मांगना। फाइलिंग में भूमि के अधिकारों पर अंतिम फैसला होने की बात नहीं कही गई है। इसलिए इस सूचना का दायरा कार्रवाई पर रोक और सरकार को जारी नोटिस तक है।

एक्सचेंजों को दी गई जानकारी

Tata Chemicals ने यह सूचना SEBI के सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकता विनियम, 2015 के Regulation 30 के तहत BSE और NSE को भेजी है। पत्र में BSE सcrip code 500770 और NSE symbol TATACHEM दर्ज हैं। कंपनी सचिव Jeraz E. Mahernosh ने कंपनी की ओर से पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

फाइलिंग में अगली सुनवाई की तारीख, गुजरात सरकार के जवाब की समयसीमा या किसी वित्तीय प्रभाव का उल्लेख नहीं है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में एक्सचेंजों को जानकारी देकर उसे रिकॉर्ड पर लेने का अनुरोध किया गया है।