SMC Global Securities: SMC Global पर SEBI जुर्माना: कंपनी ने ₹1 लाख की पेनल्टी का खुलासा किया
SMC Global Securities ने SEBI के ₹1 लाख जुर्माने की जानकारी दी। मामला ग्राहक ऑर्डर के रिकॉर्ड और अधिकृत प्रतिनिधियों की निगरानी से जुड़ी जांच से संबंधित है।

SMC Global Securities Ltd ने 3 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि SEBI ने उस पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। SMC Global पर SEBI जुर्माना लगाए जाने की यह जानकारी कंपनी ने नियमन 30 के तहत दी। संबंधित न्यायनिर्णयन आदेश का क्रमांक Order/AK/GN/2026-27/32758 है।
कार्यवाही की पृष्ठभूमि में SEBI का विषय-आधारित निरीक्षण था, जिसमें अनधिकृत ट्रेडिंग की शिकायतों और ग्राहकों के ऑर्डर देने की प्रक्रिया की जांच हुई। निरीक्षण अवधि 1 जनवरी से 30 सितंबर 2024 तक थी। कंपनी BSE, NSE, MCX और NCDEX की सदस्य तथा SEBI में पंजीकृत स्टॉक ब्रोकर है।
कारण बताओ नोटिस में ग्राहक ऑर्डर से जुड़े रिकॉर्ड नहीं रखने और अधिकृत प्रतिनिधियों की निगरानी में कमी के आरोप शामिल थे। उपलब्ध स्रोत में आदेश के अंतिम निष्कर्षों का पूरा हिस्सा नहीं है; जुर्माने की राशि कंपनी के खुलासा पत्र में स्पष्ट है।
कंपनी ने जवाब में क्या कहा
SMC ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसने अधिकृत प्रतिनिधियों के परिचालन स्थलों पर कॉल रिकॉर्डिंग उपकरण या सिम की व्यवस्था की थी। कार्यालय आकर मौखिक ऑर्डर देने वाले ग्राहकों के लिए आगंतुक रजिस्टर, हस्ताक्षरित ऑर्डर पर्चियां और ऑर्डर के बाद पुष्टि कॉल जैसी प्रक्रियाएं अपनाने की बात भी कही।
अधिकृत प्रतिनिधि Amit Lilhare के संबंध में कंपनी ने अपने जवाब में निम्न कदम बताए:
- मई 2024 में आंतरिक जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आने पर 31 मई 2024 को ट्रेडिंग टर्मिनल बंद किए।
- 15 जुलाई 2024 को संबंध समाप्त करने का नोटिस जारी किया और 22 जुलाई 2024 को पुलिस शिकायत दाखिल की।
- प्रतिनिधि के सहयोग नहीं करने के कारण कुछ ऑर्डर रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हो सके।
कंपनी ने यह भी कहा कि उसने ग्राहकों को निश्चित या सुनिश्चित रिटर्न की कोई योजना नहीं दी थी। ये बातें आदेश में दर्ज कंपनी के पक्ष का हिस्सा हैं।
समानांतर कार्यवाही पर आपत्ति खारिज
SMC ने उसी विषय पर NSE की कार्यवाही का हवाला देकर दोहरी कार्यवाही पर आपत्ति उठाई थी। SEBI के न्यायनिर्णयन अधिकारी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि आपराधिक मामलों में लागू दोहरे दंड से संवैधानिक संरक्षण इन नियामकीय और अर्ध-न्यायिक कार्यवाहियों पर लागू नहीं होता।
कंपनी ने 9 अप्रैल 2026 के अतिरिक्त जवाब में बताया कि NSE के निर्देशों के अनुसार एक्सचेंज के पैनल में शामिल ऑडिटरों से सभी सक्रिय अधिकृत प्रतिनिधियों का भौतिक निरीक्षण पूरा कराया गया। उसने निगरानी व्यवस्था में सुधार से जुड़े अन्य निर्देशों का समयबद्ध पालन करने की बात भी कही।
