Sai Parenterals IPO की रकम के इस्तेमाल पर निगरानी रिपोर्ट में ₹23.87 करोड़ के विचलन दर्ज किए गए हैं। कंपनी ने 3 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल दस्तावेज में 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही की यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। India Ratings & Research Private Limited की 2 अक्टूबर की रिपोर्ट ने विचलन की श्रेणी ‘10% तक’ बताई है।

रिपोर्ट में कुल विचलन ₹238.74 मिलियन बताया गया है। आपत्तियां रकम को सामान्य परिचालन खातों में भेजने, उसी दिन इस्तेमाल नहीं करने, ब्याज भुगतान और IPO खर्चों के दस्तावेजों से जुड़ी हैं। कंपनी के बोर्ड ने अपने जवाब में संबंधित रकम के निर्धारित उद्देश्यों और कारोबारी जरूरतों में इस्तेमाल होने का पक्ष रखा है।

किन लेनदेन पर निगरानी एजेंसी ने सवाल उठाए?

  • क्षमता विस्तार के लिए ₹14.25 मिलियन निगरानी खाते से अन्य खातों में भेजे गए। रकम का पूरा इस्तेमाल हस्तांतरण वाले दिन नहीं होने से एजेंसी ने इसे विचलन माना। बोर्ड के अनुसार, पूरी राशि क्षमता विस्तार और विनिर्माण सुविधाओं के उन्नयन में लगी।
  • कर्ज चुकाने में इस्तेमाल ₹136.54 मिलियन में ₹1.28 मिलियन का ब्याज शामिल था। एजेंसी ने कहा कि ब्याज भुगतान प्रॉस्पेक्टस के घोषित उद्देश्य में शामिल नहीं था। बोर्ड ने इसे कर्ज चुकाने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
  • सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भेजी गई रकम में ₹149.21 मिलियन के अंतिम इस्तेमाल की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। एजेंसी ने सामान्य खातों में परिचालन धन के साथ रकम मिलने, तिमाही के बाद के भुगतान और ऐसे खातों से खर्च दिखाने का उल्लेख किया जिनमें IPO रकम नहीं पहुंची थी। बोर्ड के मुताबिक रकम कारोबारी खर्चों में लगी, जिसमें ₹44.15 मिलियन का इस्तेमाल 30 जून के बाद हुआ।
  • इश्यू खर्चों में ₹4.28 मिलियन का इस्तेमाल तिमाही के बाद हुआ। Arihant Capital Markets Limited को दिए ₹100 मिलियन के लिए चालान या समझौता उपलब्ध नहीं था। कंपनी ने ईमेल पुष्टियों के आधार पर इसे वापसी योग्य सुरक्षा जमा बताया, जो रिपोर्टिंग अवधि के बाद लौटाया गया।

शेयरधारक मंजूरी और परियोजना समयसीमा

एजेंसी ने कहा कि प्रॉस्पेक्टस के उद्देश्यों से अलग इस्तेमाल के लिए आवश्यक शेयरधारक मंजूरी नहीं ली गई थी। उसने कंपनी से दस्तावेज और स्पष्टीकरण मिलने में देरी भी दर्ज की।

रिपोर्ट के अनुसार, क्षमता विस्तार की कुछ गतिविधियां जून 2026 तक पूरी नहीं हुई थीं। बोर्ड ने Unit III और Unit IV की संबंधित समयसीमा क्रमशः दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। रिपोर्ट में Unit I और Unit II के उपयोग उद्देश्यों को 10 सितंबर 2026 को आवश्यक मंजूरियों के साथ संशोधित करने का भी उल्लेख है।

India Ratings ने स्पष्ट किया कि यह निगरानी रिपोर्ट ऑडिट नहीं है और इसमें बोर्ड की टिप्पणियों की समीक्षा नहीं की गई है।